आमों में ज़हर का खेल! बाजार में बिक रहे केमिकल वाले आम? वायरल वीडियो ने खोली जहरीले आमों के कारोबार की पोल, देख दिल दहल जाएगा

punjabkesari.in Tuesday, May 12, 2026 - 12:50 PM (IST)

नेशनल डेस्क : गर्मियों में जिस हापुस आम को लोग स्वाद और गुणवत्ता की पहचान मानकर खरीदते हैं, वही अब सेहत के लिए बड़ा खतरा बनता दिखाई दे रहा है। मुंबई की वाशी एपीएमसी फल मंडी से सामने आए एक चौंकाने वाले खुलासे ने फलों के कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बाजार में जल्दी मुनाफा कमाने के लिए कच्चे आमों को खतरनाक रसायनों की मदद से कृत्रिम तरीके से पकाया जा रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला
पूरा मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुछ कारोबारी खुलेआम आमों पर रसायन छिड़कते और उन्हें गोदामों में संदिग्ध तरीके से स्टोर करते दिखाई दिए। दावा किया जा रहा है कि इन तरीकों का इस्तेमाल फलों को कम समय में बाजार के लिए तैयार करने के लिए किया जा रहा था।

वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने मौके पर मौजूद व्यापारियों से सीधे सवाल भी किए। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे रसायनों से तैयार किए गए आम वे अपने परिवार या बच्चों को खिलाना पसंद करेंगे। इस सवाल के बाद वहां मौजूद लोग असहज नजर आए। यह बातचीत अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग फलों की गुणवत्ता को लेकर चिंता जता रहे हैं।

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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विशेषज्ञों ने किया अलर्ट 
विशेषज्ञों का कहना है कि फलों को रसायनों से पकाने की यह प्रक्रिया बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे फलों में जहरीले तत्व रह सकते हैं, जो पेट संबंधी बीमारियों से लेकर लंबे समय की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

एफडीए ने कड़ी कार्रवाई का किया वादा 
मामले के सामने आने के बाद खाद्य एवं औषधि विभाग और मंडी प्रशासन की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। जांच के दौरान कुछ आम और संदिग्ध रासायनिक पदार्थ जब्त किए गए। अधिकारियों ने कहा है कि जांच के लिए नमूने भेज दिए गए हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

हालांकि कार्रवाई सीमित रहने पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर बड़े पैमाने पर इस तरह का खेल चल रहा था, तो सिर्फ एक-दो व्यापारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। अब जांच की आंच मंडी प्रशासन तक पहुंच गई है।

 


 


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Content Editor

Purnima Singh

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