PM Awas Yojana: पीएम आवास योजना के नए नियम लागू, अब केवल इन लोगों को ही मिलेगा लाभ

punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 06:59 PM (IST)

नेशनल डेस्कः आज के समय में अपना खुद का पक्का मकान होना हर व्यक्ति की चाहत है, लेकिन बढ़ती महंगाई के चलते यह सपना पूरा करना आम लोगों के लिए आसान नहीं रह गया है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को घर खरीदने और बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। अब सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत कुछ अहम बदलाव किए हैं, जिनका असर सीधे लाभार्थियों पर पड़ेगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना कब हुई शुरू?

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2016 को की थी। इसके बाद योजना के दूसरे चरण यानी PMAY-U 2.0 को 1 सितंबर 2024 से लागू किया गया। इस चरण का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में शहरी इलाकों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है।

किन वर्गों को मिलता है योजना का लाभ?

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन आय वर्गों को शामिल किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपये तक तय की गई है। निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए यह सीमा 6 लाख रुपये सालाना है। वहीं मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों की अधिकतम वार्षिक आय 9 लाख रुपये तक होनी चाहिए।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को घर निर्माण या खरीद के लिए अधिकतम 2.5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार और 1 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाते हैं। इसके अलावा होम लोन लेने पर 1.8 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी का लाभ भी मिलता है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग, स्ट्रीट वेंडर और कामकाजी महिलाओं को इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है।

PM आवास योजना शहरी 2.0 में क्या बदले नियम?

सरकार ने नए नियमों के तहत यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल वही लोग इस योजना के पात्र होंगे, जिनके पास 31 अगस्त 2024 से पहले जमीन का स्वामित्व था। इस तारीख के बाद जमीन खरीदने या रजिस्ट्री कराने वालों को घर निर्माण के लिए दी जाने वाली सहायता राशि नहीं मिलेगी।

इसके साथ ही यह शर्त भी रखी गई है कि जमीन रिहायशी क्षेत्र में स्थित होनी चाहिए। गैर-रिहायशी इलाके की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। अब योजना का पैसा पाने के लिए एलिजिबिलिटी हितग्राही प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके लिए आवेदक को योजना के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद नगर निगम या स्थानीय निकाय की टीम द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। जांच सही पाए जाने पर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा और इसके आधार पर चार चरणों में सहायता राशि दी जाएगी।

कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी?

पात्रता साबित करने के लिए आवेदक को यह दिखाना होगा कि वह 31 अगस्त 2024 से पहले संबंधित स्थान पर रह रहा था। इसके लिए बिजली या पानी का पुराना बिल, नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स रसीद या पुरानी मतदाता सूची में दर्ज नाम जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। इसके अलावा सरकार जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजिंग की मदद से भी सत्यापन कर रही है।


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Content Editor

Sahil Kumar

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