Maa Kalaratri Puja Vidhi: मां कालरात्रि को करना चाहती हैं प्रसन्न तो इस विधि से करें पूजा, जाने विधि, मंत्र और भोग विधान
punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 05:14 PM (IST)
Maa Kalaratri Puja Vidhi: चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन यानी महासप्तमी इस बार 25 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाया जाएगा। इस दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन से भय, बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
मां कालरात्रि का दिव्य और उग्र स्वरूप
मां कालरात्रि का रूप अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमयी माना जाता है। इनका रंग गहरे अंधकार जैसा काला होता है। खुले और बिखरे हुए केश,तीन तेजस्वी नेत्र चार भुजाएं—खड्ग, वज्र, अभय मुद्रा और वर मुद्रा वाहन: गर्दभ (गधा)। इनका स्वरूप भले ही उग्र हो, लेकिन भक्तों के लिए ये शुभ फल देने वाली होती हैं, इसलिए इन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है।
महासप्तमी पूजा विधि
मां कालरात्रि की पूजा खासकर रात्रि में करना अधिक फलदायी माना जाता है।
पूजा के मुख्य नियम:
- रात में दीपक जलाकर पूजा करें
- सरसों के तेल का दीपक विशेष शुभ माना जाता है
- लाल फूल या पुष्पमाला अर्पित करें
- कपूर से आरती कर घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलाएं
जप विधि
- “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै नमः” मंत्र का जाप करें
- रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला का उपयोग करें।
दान का महत्व
- काले तिल, वस्त्र, जूते-चप्पल दान करें
- जरूरतमंदों को भोजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है
मां कालरात्रि का प्रिय भोग
- इस दिन देवी को गुड़ का भोग अर्पित किया जाता है।
- गुड़ या उससे बनी मिठाइयां चढ़ाने से मां प्रसन्न होती हैं और विशेष आशीर्वाद देती हैं।
प्रमुख मंत्र
बीज मंत्र:
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः
ध्यान मंत्र:
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
मां कालरात्रि पूजा के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा करने से शत्रुओं और बाधाओं का नाश होता है। शनि दोष से राहत मिलती है,नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है और मानसिक तनाव और भय दूर होता है।
पूजा करते समय रखें ध्यान
पूजा के दौरान मन को शांत और पवित्र रखें। पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ की गई आराधना से मां कालरात्रि भक्तों की रक्षा करती हैं।
