S. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अरागची से की मुलाकात, पश्चिम एशिया के तनाव और समुद्री सुरक्षा पर हुई चर्चा
punjabkesari.in Friday, May 15, 2026 - 12:24 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारत के विदेश मंत्री (EAM) एस. जयशंकर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अरागची से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (West Asia) में तेजी से बदलती स्थिति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही आपसी हित के द्विपक्षीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया। विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत की 2026 की अध्यक्षता में आयोजित 'ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक' में अरागची की भागीदारी का स्वागत किया।
बैठक की मुख्य बातें
मुलाकात के बाद जयशंकर ने 'X' पर पोस्ट किया, "ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के साथ आज सुबह दिल्ली में विस्तृत बातचीत हुई। पश्चिम एशिया के हालात और उनके प्रभावों पर चर्चा की। ब्रिक्स इंडिया 2026 में उनकी भागीदारी की सराहना करता हूँ।" इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ब्रिक्स बैठक के इतर ईरानी विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से भारत की ओर से यह पहली उच्च स्तरीय कूटनीतिक भागीदारी है। जयशंकर ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा वातावरण के नाजुक होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिपिंग मार्गों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) के लिए बढ़ता खतरा वैश्विक चिंता का विषय है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों, विशेष रूप से Strait of Hormuz और Red Sea के माध्यम से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री यातायात को वैश्विक आर्थिक कल्याण के लिए अनिवार्य बताया।
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Had a detailed conversation with FM Abbas Araghchi of Iran this morning in Delhi. @araghchi
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) May 15, 2026
Discussed the situation in West Asia and its implications. Also exchanged views on bilateral issues of mutual interest.
Appreciate his participation in #BRICSIndia2026 pic.twitter.com/cLaM0l15hI
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ईरान का पक्ष और वैश्विक प्रभाव
ईरानी विदेश मंत्री अरागची ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका और इजराइल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की निंदा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईरान "क्रूर और अवैध आक्रमण" का शिकार हुआ है और दुनिया को "युद्ध भड़काने" वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
ऊर्जा संकट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ा है। ईरान द्वारा सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी ढंग से अवरुद्ध किए जाने के बाद तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। ज्ञात हो कि दुनिया की लगभग 20% तेल और एलएनजी (LNG) आपूर्ति इसी गलियारे से होती है।
