भारत-पाकिस्तान एक ही राष्ट्र रहे हैं, हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए : RSS नेता दत्तात्रेय होसबाले

punjabkesari.in Wednesday, May 13, 2026 - 12:00 AM (IST)

नेशनल डेस्कः भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी कड़वाहट और गतिरोध को दूर करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने एक नई राह सुझाई है। आरएसएस के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ संबंधों में जमी बर्फ को पिघलाने का सबसे प्रभावी जरिया लोगों के बीच आपसी संपर्क (People-to-People contact) ही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद के दरवाजे कभी बंद नहीं होने चाहिए।

सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व पर अविश्वास
एक साक्षात्कार के दौरान होसबाले ने बड़ी बेबाकी से कहा कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का विश्वास पूरी तरह खो दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब वह समय आ गया है जब दोनों देशों के नागरिक समाज (Civil Society) को आगे बढ़कर नेतृत्व करना चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और सामुदायिक नेताओं को आगे आना होगा क्योंकि वहां के नेतृत्व में भारत के प्रति नकारात्मकता घर कर गई है।

सांस्कृतिक रिश्तों से जगी उम्मीद
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि अंततः नागरिक समाज के रिश्ते ही काम आएंगे क्योंकि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं और "हम कभी एक ही राष्ट्र रहे हैं"। उन्होंने 'ट्रैक टू' कूटनीति की वकालत करते हुए कहा कि इसे अब और अधिक आजमाया जाना चाहिए।

सुरक्षा से समझौता नहीं, पर खुली रहे खिड़की
आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने 26/11, पुलवामा और पहलगाम जैसे हमलों का जिक्र किया और कहा कि पाकिस्तान लगातार उकसावे वाली हरकतें करता रहता है। होसबाले ने साफ किया कि देश की सुरक्षा और आत्मसम्मान की रक्षा सर्वोपरि है, लेकिन इसके साथ ही व्यापार, वाणिज्य और वीजा जैसी सुविधाओं को पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए ताकि संवाद के लिए हमेशा एक खिड़की खुली रहे,।


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Content Writer

Pardeep

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