पूर्व RAW एजेंट लकी बिष्ट का दावाः ईरान को मिल रहा बड़ी खुफिया एजेंसी का समर्थन, तेहरान को कैसे मिली US कमांड पोस्ट की लोकेशन ?

punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 03:57 PM (IST)

International Desk: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच भारत के पूर्व खुफिया अधिकारी लक्ष्मण सिंह बिष्ट( Laxman Singh Bisht), जिन्हें लकी बिष्ट के नाम से जाना जाता है, ने एक वीडियो जारी कर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा Iran, Israel और United States के बीच चल रहे टकराव में केवल सैन्य शक्ति ही नहीं, बल्कि खुफिया एजेंसियों का भी बड़ा खेल चल रहा है।

 

ईरान को कैसे मिल रही इतनी संवेदनशील जानकारी?
लकी बिष्ट के अनुसार कुछ घटनाएं यह संकेत देती हैं कि ईरान के पास बेहद संवेदनशील सैन्य जानकारी मौजूद है। उन्होंने सवाल उठाया कि  

  • अमेरिका के Command Post की लोकेशन ईरान को कैसे पता चल रही है?
  • Military Staging Areas यानी सैन्य तैयारी के ठिकानों की जानकारी उसे कैसे मिल रही है?
  • यहां तक कि कथित तौर पर दुबई के एक होटल से चल रहे मोसाद कमांड बेस की जानकारी भी सामने आ रही है।
  • उनके अनुसार इतनी सटीक जानकारी बिना किसी बड़े खुफिया नेटवर्क के संभव नहीं होती।
     

लकी बिष्ट ने अपने वीडियो में कहा कि मौजूदा हालात बताते हैं कि मिडिल ईस्ट में सिर्फ खुला युद्ध ही नहीं बल्कि छिपा हुआ खुफिया युद्ध भी चल रहा है।  उन्होंने संकेत दिया कि संभव है कि किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय खुफिया शक्ति का समर्थन ईरान को मिल रहा हो।फिलहाल Iran, Israel और United States के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्धों में केवल सेना ही नहीं बल्कि खुफिया एजेंसियां भी बेहद अहम भूमिका निभाती हैं। इन एजेंसियों के जरिए दुश्मन की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। साइबर और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की जाती है और कई बार गुप्त ऑपरेशन भी चलाए जाते हैं। लकी बिष्ट के बयान ने मिडिल ईस्ट युद्ध को लेकर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है क्या इस संघर्ष के पीछे कोई बड़ा खुफिया गठजोड़ काम कर रहा है?

 

इससे पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाऊंट पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब केवल मिसाइलों और हवाई हमलों तक सीमित नहीं रह गई है। इसके पीछे खुफिया एजेंसियों की गतिविधियां भी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही हैं। हाल की रिपोर्टों के अनुसार Turkey की खुफिया एजेंसी National Intelligence Organization (MIT) ने ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI6 से सीरिया के राष्ट्रपति Ahmed al‑Sharaa की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अधिक भूमिका निभाने का अनुरोध किया था।  सीरिया का Idlib क्षेत्र  से पिछले कई वर्षों से सीरियाई सरकारी बल,  ईरान समर्थित गुट, विद्रोही संगठन  और कई अंतरराष्ट्रीय ताकतें एक-दूसरे से टकराती रही हैं। इदलिब को सीरियाई गृहयुद्ध का सबसे जटिल युद्धक्षेत्र माना जाता है। सूत्रों के अनुसार हाल के महीनों में  इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने सीरिया में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि पिछले वर्ष अहमद अल-शरा पर पांच हत्या प्रयास किए गए।  


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Content Writer

Tanuja

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