गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उपराज्यपाल का बड़ा संदेश
punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 09:09 PM (IST)
नेशनल डेस्क: हमारे प्यारे देश के 77वें गणतंत्र दिवस के शुभ और ऐतिहासिक अवसर पर, मैं केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। यह दिन हमें अपने लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रीय एकता पर गर्व करने का अवसर देता है।
इस अवसर पर मैं भारत के संविधान के दूरदर्शी निर्माताओं और नेताओं को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनके ज्ञान, साहस और बलिदान से न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूल्यों पर आधारित एक संप्रभु, लोकतांत्रिक, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और गणतंत्र भारत की नींव रखी गई। यही आदर्श आज भी हमारे राष्ट्र की प्रगति की दिशा तय करते हैं और लोकतांत्रिक भावना को मजबूती देते हैं।
मैं लद्दाख के मेहनती किसानों, मजदूरों, शिक्षकों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, उद्यमियों, कारीगरों, कलाकारों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और नागरिक समाज से जुड़े सभी लोगों के प्रति गहरी सराहना व्यक्त करता हूं। उनके समर्पण, धैर्य और सामूहिक प्रयासों से ही इस क्षेत्र में समावेशी विकास और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा मिल रहा है।
मैं सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और लद्दाख पुलिस के साहसी जवानों को नमन करता हूं, जो सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उनका साहस और बलिदान देश की संप्रभुता और अखंडता की मजबूत ढाल है।
इसके साथ ही मैं नागरिक प्रशासन के योगदान को भी विशेष रूप से स्वीकार करता हूं, जो कुशल, पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और दूरदराज के इलाकों तक सार्वजनिक सेवाएं पहुंचाने के उनके प्रयास प्रशंसा के योग्य हैं।
नए संकल्प और सामूहिक दृढ़ता के साथ, हमें मिलकर लद्दाख को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि का आदर्श मॉडल बनाना होगा। इसके लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, इको-टूरिज्म, जैविक खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नाजुक पारिस्थितिकी संतुलन सुरक्षित रह सके।
हमारे युवाओं को आधुनिक शिक्षा, डिजिटल कौशल और उद्यमशीलता के अवसरों से सशक्त बनाना समय की मांग है। साथ ही, महिलाओं और समाज के हाशिए पर खड़े वर्गों को समान अवसर देकर उन्हें सशक्त करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर, आइए हम सभी अपने संविधान के आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं और एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और प्रगतिशील लद्दाख के निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित करें, ताकि एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में हमारा योगदान और भी सार्थक हो सके।
