Silent Killer Kidney: बिना लक्षण दिखाए अंदर ही अंदर खोखली हो रही है किडनी, जानें कैसे पहचानें खतरा
punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 01:19 PM (IST)
Silent Killer Kidney: शरीर में कोई बड़ी बीमारी पनपती है, तो हमारा शरीर पहले से ही सतर्क करने वाले संकेत देने लगता है। हालांकि, गुर्दे यानी किडनी (Kidney) की बीमारी के मामले में यह नियम पूरी तरह फेल साबित होता है। यही वजह है कि चिकित्सा जगत में डॉक्टर इसे 'साइलेंट डिजीज' या 'चुपचाप वार करने वाली बीमारी' कहते हैं।
किडनी हमारे शरीर का वह अहम फिल्टर अंग है जो चौबीसों घंटे खून को साफ करने, अपशिष्ट पदार्थों (गंदगी) को बाहर निकालने, पानी का संतुलन बनाए रखने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का काम करता है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि किडनी की यही मजबूती कई बार इंसान के लिए सबसे बड़ा धोखा बन जाती है।
आखिर क्यों इसे कहा जाता है 'साइलेंट किलर'?
नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) के अनुसार, हमारी किडनी स्वभाव से बेहद सहनशील और मजबूत होती है। मामूली या मध्यम स्तर का नुकसान होने के बावजूद यह बिना किसी शिकायत के लंबे समय तक अपना काम सामान्य रूप से करती रहती है। शुरुआती दौर में मरीज को जरा सा भी अहसास नहीं होता कि वह अंदर से बीमार हो रहा है।
चिकित्सकीय आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश मामलों में मरीजों को तब जाकर किडनी की खराबी का पता चलता है, जब वह अपनी कार्यक्षमता का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा खो चुकी होती है। कई बार तो लोग किसी सामान्य रूटीन चेकअप में या फिर अचानक तबीयत बिगड़ने पर सीधे डायलिसिस की नौबत आने के बाद ही इस बीमारी से वाकिफ हो पाते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के भरोसे बैठे रहना जानलेवा हो सकता है।
इन लोगों को है किडनी की बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा
चिकित्सकों के अनुसार, कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों में किडनी खराब होने की संभावना दूसरों के मुकाबले कहीं अधिक होती है। जैसे...:
-मधुमेह (Diabetes) के मरीज
- High Blood Pressure से पीड़ित लोग
-जिनके परिवार में पहले से किसी को किडनी की बीमारी रही हो (Family History)
-मोटापे से परेशान और दिल की बीमारी वाले लोग
-धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले
-60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग
आसान उपायों से कैसे रखें अपनी किडनी को सुरक्षित?
राहत की बात यह है कि किडनी को गंभीर नुकसान से बचाने के तरीके बहुत आसान हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे सुधार करके आप अपनी दोनों किडनियों को ताउम्र स्वस्थ रख सकते हैं:
यदि आप डायबिटीज या हाई बीपी के मरीज हैं, तो इसे दवाओं और परहेज से हमेशा नियंत्रित रखें।
-शरीर की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि टॉक्सिन्स आसानी से बाहर निकल सकें।
-भोजन में नमक और तेल-मसालों की मात्रा कम रखें। हरी सब्जियां और फल शामिल करें।
-बिना डॉक्टरी पर्चे या सलाह के दर्द निवारक दवाओं (Pain Killers) का अंधाधुंध इस्तेमाल करना बंद करें, यह किडनी को सीधे डैमेज करती हैं।
-रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें। धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से दूर रहें।
डॉक्टरों की सलाह: किडनी की सेहत का हाल जानने के लिए शरीर में किसी दर्द या लक्षण का इंतजार न करें, बल्कि समय-समय पर डॉक्टर की सलाह से 'किडनी फंक्शन टेस्ट' (KFT) जरूर करवाएं। वक्त पर बीमारी पकड़ में आ जाए, तो किडनी को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सकता है।
