''मोदी सरकार ने रेल सुरक्षा को खतरे में डाला'', एक के बाद एक रेल हादसे को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने साधा निशाना
punjabkesari.in Thursday, Jul 18, 2024 - 05:56 PM (IST)

नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश के गोंडा में हुए ट्रेन हादसे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस का पटरी से उतरना इस बात का एक और उदाहरण है कि मोदी सरकार ने किस तरह से व्यवस्थित तरीके से रेल सुरक्षा को खतरे में डाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं, तथा हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं घायलों के साथ हैं।
सोशल मीडिया एक्स पर खरगे ने लिखा, “उत्तर प्रदेश में चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस का पटरी से उतरना इस बात का एक और उदाहरण है कि मोदी सरकार ने किस तरह से व्यवस्थित तरीके से रेल सुरक्षा को खतरे में डाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं, तथा हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं घायलों के साथ हैं। एक महीने पहले सियालदह-अगरतला कंचनजंगा एक्सप्रेस से एक मालगाड़ी की टक्कर में 11 लोगों की जान चली गई थी।
The derailment of Chandigarh-Dibrugarh Express in UP, is yet another instance of how Modi Govt has systematically jeopardised Rail safety.
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 18, 2024
Our deepest condolences to the families of the bereaved, and our thoughts and prayers are with the injured.
A month ago, 11 people lost…
रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने कहा है कि दुर्घटना "होने का इंतजार कर रही थी"! स्वचालित सिग्नल की विफलता, परिचालन के प्रबंधन में कई स्तरों पर चूक और लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर के पास वॉकी-टॉकी जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता, जांच रिपोर्ट में टक्कर के लिए बताए गए कुछ कारण हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके रेल मंत्री, जो आत्म-प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ते, उन्हें भारतीय रेलवे में हुई भारी चूक की सीधे जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हमारी एकमात्र मांग है। पूरे भारत में सभी मार्गों पर कवच टक्कर रोधी प्रणाली शीघ्रता से स्थापित की जानी चाहिए, ताकि सुरक्षा उपायों में वृद्धि हो और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के गोंडा में गुरुवार को ट्रेन हादसा हो गया। चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जा रही ट्रेन गोंडा से करीब 20 किमी आगे डीरेल हो गई और 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक घायल हो गए हैं। मौके पर एनडीआरएफ राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। इस बीच रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसके अलावा 11 ट्रेनों के रूट को भी बदला गया है।