UNHRC में जयशंकर का कड़ा संदेश: आतंकवाद पर नहीं होगा कोई समझौता
punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 11:56 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने जिनेवा में United Nations Human Rights Council (UNHRC) के 61वें सत्र में आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जयशंकर इस सत्र के हाई-लेवल सेगमेंट में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों, संघर्षों और अस्थिरता से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत टकराव के बजाय बातचीत, विभाजन के बजाय सहयोग और संकीर्ण सोच के बजाय मानव-केंद्रित विकास की बात करता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद का कोई भी बहाना नहीं हो सकता, खासकर तब जब निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और UNHRC से अपील की कि आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए और सभी देश मिलकर इसका मुकाबला करें।
जयशंकर ने कहा कि भारत की सोच उसकी प्राचीन परंपरा “वसुधैव कुटुंबकम” से जुड़ी है, जिसका मतलब है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। भारत मानता है कि किसी भी हिस्से में असुरक्षा या अन्याय, सभी के अधिकारों को प्रभावित करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने हमेशा जरूरतमंद देशों को मदद दी है, चाहे वह आपदा राहत हो, दवाइयां, टीके या खाद्यान्न सहायता। भारत की यह नीति सहानुभूति और साझेदारी पर आधारित है। उनके इस बयान को वैश्विक मंच पर भारत की आतंकवाद विरोधी नीति के मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
