IMD Rain Alert: आसमान से बरसेगी आफत! इन राज्यों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी, चलेंगी तेज हवाएं और होगी बारिश
punjabkesari.in Sunday, Apr 05, 2026 - 09:02 AM (IST)
IMD Rain Alert : अप्रैल की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के मौसम ने ऐसी करवट ली है कि गर्मी के तेवर ठंडे पड़ गए हैं। एक के बाद एक सक्रिय हुए दो पश्चिमी विक्षोभों (Western Disturbances) ने दिल्ली से लेकर बिहार और पहाड़ों से लेकर रेगिस्तान तक हलचल मचा दी है। जहां शहरों में बारिश ने सुहाना अहसास कराया है वहीं ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि ने पकी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
दिल्ली-NCR: 8 अप्रैल तक बना रहेगा बादलों का डेरा
राजधानी में शनिवार को हुई जोरदार बारिश के बाद पारा लुढ़क गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 7 अप्रैल को दूसरा पश्चिमी विक्षोभ अपने चरम पर होगा। 8 अप्रैल तक दिल्ली में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। विभाग ने बिजली गिरने (Lightning) का खतरा जताते हुए लोगों को खुले स्थानों पर न रहने की सलाह दी है।

राजस्थान: बिछ गई ओलों की सफेद चादर
मरुधरा में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिला। कई जिलों में इतनी भारी ओलावृष्टि हुई कि जमीन पर बर्फ की सफेद परत नजर आने लगी। जोधपुर, जयपुर, अजमेर और बीकानेर समेत कई हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। 7 अप्रैल से यहां फिर से ओले गिरने का नया दौर शुरू हो सकता है।
यूपी-बिहार: आंधी और पानी का अलर्ट
उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर, झांसी, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में मध्यम बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
बिहार: पटना, गया, रोहतास और चंपारण के इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश का अनुमान है जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ठंडक
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी है जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों की हवाओं पर पड़ रहा है:
हिमाचल: शिमला, कुल्लू और मनाली समेत कई जिलों में 8 अप्रैल तक मौसम खराब रहेगा।
उत्तराखंड: नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
जम्मू-कश्मीर: ऊपरी चोटियों पर बर्फबारी की संभावना है, जिससे घाटी में ठिठुरन बढ़ सकती है।

किसानों के लिए संकट
यह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए आफत बनकर आई है। गेहूं और सरसों जैसी तैयार फसलों को ओलों ने काफी नुकसान पहुंचाया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर ढक कर रखें।
