Israel Iran War : जंग के बीच PM मोदी ने सऊदी प्रिंस-बहरीन से की बात, दोनों देशों पर हुए हमलों की निंदा की
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 06:55 PM (IST)
नेशनल डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य टकराव ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार हमलों के बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कई देशों को निशाना बनाया है। क्षेत्र में बढ़ते खतरे के बीच भारत ने कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बहरीन के किंग Hamad bin Isa Al Khalifa से टेलीफोन पर बात की। इसके अलावा उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से भी मौजूदा हालात पर चर्चा की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने दोनों देशों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा व भलाई को लेकर चिंता जताई।
इजरायल और यूएई नेतृत्व से भी संपर्क
सूत्रों के अनुसार, संघर्ष की शुरुआत के बाद से ही प्रधानमंत्री लगातार खाड़ी और इजरायल के शीर्ष नेताओं के संपर्क में हैं। रविवार को उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से फोन पर बात की और क्षेत्र में शत्रुता समाप्त करने तथा तनाव कम करने की अपील दोहराई। इसी क्रम में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से भी चर्चा की। पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कठिन समय में भारत की एकजुटता का भरोसा दिलाया। साथ ही यूएई में भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए आभार जताया।
सुरक्षा पर CCS की मैराथन बैठक
मध्य पूर्व में बिगड़ती स्थिति और ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद उत्पन्न हालात पर प्रधानमंत्री ने उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा भी की। उनके आवास पर हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक करीब तीन घंटे तक चली। बैठक में रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय हालात, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संभावित रणनीतिक विकल्पों पर विस्तार से विचार किया गया।
भारत की प्राथमिकता: शांति और नागरिकों की सुरक्षा
सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देना है। साथ ही खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
