Pregnancy In Space: क्या अंतरिक्ष में संभव है प्रेग्नेंसी? जानिए क्या कहते हैं वैज्ञानिक
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 12:50 PM (IST)
नेशनल डेस्क: जैसे-जैसे इंसान मंगल और चंद्रमा पर बस्तियां बसाने की योजना बना रहा है, एक बड़ा सवाल वैज्ञानिकों के सामने खड़ा है- 'क्या अंतरिक्ष में गर्भधारण और बच्चे का जन्म सुरक्षित है?' अब तक की रिसर्च इशारा करती है कि तकनीकी रूप से यह संभव तो है, लेकिन बिना पृथ्वी के सुरक्षा कवच (गुरुत्वाकर्षण और वायुमंडल) के, एक नए जीवन का विकास किसी बड़े खतरे से कम नहीं होगा।
हड्डियों और मांसपेशियों पर संकट
पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण हमारे शरीर की हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देने में प्राथमिक भूमिका निभाता है। अंतरिक्ष की माइक्रोग्रैविटी में भ्रूण (Fetus) के विकास के दौरान उसकी हड्डियों के घनत्व (Density) में भारी कमी आ सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जीरो ग्रेविटी के कारण बच्चे का ऊपरी शरीर तो विकसित हो सकता है, लेकिन निचले हिस्से और पैरों की मांसपेशियां बेहद कमजोर रह सकती हैं।
ब्रेन और विजन पर असर
अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण शरीर के तरल पदार्थ (Body Fluids) सिर की ओर शिफ्ट हो जाते हैं। इससे गर्भ में पल रहे शिशु की खोपड़ी के अंदर दबाव बढ़ सकता है। यह असामान्य दबाव बच्चे के मस्तिष्क विकास (Brain Development) और आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकता है, जिससे भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा होने का खतरा रहता है।
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कॉस्मिक रेडिएशन: डीएनए को खतरा
अंतरिक्ष खतरनाक कॉस्मिक रेडिएशन से भरा है, जिससे पृथ्वी का वायुमंडल हमें बचाता है। भ्रूण के सेल्स बहुत तेजी से विभाजित होते हैं, जिससे वे रेडिएशन के प्रति अत्यंत संवेदनशील होते हैं।
जेनेटिक म्यूटेशन: रेडिएशन डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है।
गंभीर परिणाम: इसके चलते जन्म दोष, मिसकैरेज या समय से पहले जन्म (Preterm birth) जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
डिलीवरी की चुनौतियां
स्पेस में बच्चे को जन्म देना किसी मेडिकल चुनौती से कम नहीं होगा। बिना गुरुत्वाकर्षण के लेबर पेन के दौरान 'पुश' करना और शरीर के फ्लूइड्स को नियंत्रित करना मां और डॉक्टरों के लिए लगभग असंभव हो सकता है। इसके अलावा, जो बच्चा अंतरिक्ष में बड़ा होगा, उसके लिए बाद में पृथ्वी के भारी गुरुत्वाकर्षण में खुद को ढालना एक बड़ी शारीरिक चुनौती होगी।
