कुवैत जाने वाली फ्लाइट कराची पहुंची, 8 भारतीय फंसे, केरल के 3 यात्री शामिल

punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 10:00 AM (IST)

kerala family  karachi airport: मिडिल ईस्ट के आसमान में बारूद की गंध और मिसाइलों की गड़गड़ाहट ने अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। युद्ध के कारण कई देशों द्वारा अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद किए जाने के बाद एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एयर अरेबिया की एक फ्लाइट को इमरजेंसी में पाकिस्तान के कराची एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। इस विमान में 8 भारतीय यात्री सवार हैं, जो अब कराची में फंस गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से कोई सीधा हवाई संपर्क नहीं है और दोनों देश एक-दूसरे को अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने की इजाजत भी नहीं देते, ऐसे में इन भारतीयों की सुरक्षा और वापसी एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती बन गई है।

केरल का परिवार और अजरबैजान से कुवैत का सफर
केरल सरकार की एजेंसी 'नोर्का रूट्स' (NORKA Roots) ने पुष्टि की है कि फंसे हुए यात्रियों में केरल के तीन लोग शामिल हैं। पलक्कड़ के रहने वाले कृष्णदास, उनकी पत्नी डॉ. रेश्मी मेनन और उनकी तीन साल की मासूम बेटी स्मृति मेनन इस समय कराची एयरपोर्ट पर अपनी अगली उड़ान का इंतजार कर रहे हैं। यह परिवार अजरबैजान के बाकू से शारजाह होते हुए कुवैत जा रहा था, लेकिन खाड़ी देशों में हवाई रास्ता बंद होने के कारण विमान को डायवर्ट कर पाकिस्तान ले जाना पड़ा। नोर्का रूट्स के मुताबिक, वे लगातार भारत के विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं ताकि इन नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जा सके।

क्या है कराची से निकलने का 'प्लान बी'?
चूंकि भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी उड़ानें संभव नहीं हैं, इसलिए अधिकारियों ने इन यात्रियों को वापस लाने के लिए एक वैकल्पिक रास्ते पर विचार शुरू किया है। योजना के मुताबिक, यात्रियों को कराची से कोलंबो (श्रीलंका) भेजा जा सकता है और वहां से उन्हें भारत लाया जाएगा। इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में फंसे गैर-निवासी केरलवासियों (NRKs) की मदद के लिए एक विशेष हेल्प डेस्क भी शुरू की गई है, जो युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे परिवारों को जरूरी जानकारी और सहायता प्रदान कर रही है।

खामेनेई की मौत और जलता पाकिस्तान: क्यों बिगड़े हालात?
इस पूरे संकट की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने एक संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान पर भीषण हमला किया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरे मुस्लिम जगत, खासकर पाकिस्तान में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। कराची, लाहौर और इस्लामाबाद की सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं और अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच भारतीय यात्रियों का कराची में फंसना बेहद संवेदनशील मामला बन गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस महायुद्ध के कम से कम चार हफ्तों तक चलने की आशंका जताई है, जिससे आने वाले दिनों में एयरस्पेस खुलने की उम्मीदें बेहद कम नजर आ रही हैं।


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Content Editor

Anu Malhotra

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