Video : ईरान ने ‘Thank You India’ लिखकर दागी इजरायल पर मिसाइल, जानें क्या है इस कदम की वजह
punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 10:05 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने एक प्रतीकात्मक कदम उठाते हुए इज़रायल की ओर दागी गई मिसाइलों पर “Thank you to people of India” लिखकर ध्यान खींचा है। मुंबई में ईरान का वाणिज्य दूतावास और ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा साझा किए गए वीडियो में देखा गया कि ईरान की एयरोस्पेस फोर्स के कर्मी मिसाइल लॉन्च से पहले नीले मार्कर से “Thank you to people of India” जैसे संदेश लिख रहे हैं।
बताया गया है कि ऐसे ही संदेश स्पेन, पाकिस्तान और जर्मनी के लोगों के लिए भी लिखे गए, जो तेहरान के प्रति सहानुभूति रखने वाले देशों को संदेश देने की कोशिश माने जा रहे हैं। ये संदेश ईरान के सैन्य अभियान की 83वीं लहर के दौरान देखे गए, जिसे ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का हिस्सा बताया गया है। यह अभियान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा चलाया जा रहा है, जैसा कि Press TV की रिपोर्ट में कहा गया है।
IRGC के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस ताजा हमले में क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसमें अशदोद के तेल भंडारण केंद्र, मोदीइन के पास सैन्य ठिकाने और एक अमेरिकी सैन्य सूचना केंद्र शामिल बताए गए। इसके अलावा अल-धफरा एयरबेस, अल-उदेरी, अली अल-सलेम एयर बेस और शेख ईसा बेस पर भी हमले का दावा किया गया। ईरान ने कहा कि उसने लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइलें, प्रिसिजन स्ट्राइक सिस्टम और ड्रोन का इस्तेमाल किया और ऑपरेशन सफल रहा।
Iran launches WAVE 83 missile AND drone attack on ‘Zionist soldiers’ — IRIB
— RT (@RT_com) March 26, 2026
THANK YOUS written on missiles in English to people across globe pic.twitter.com/wjjVietkAo
भारत का नाम क्यों आया सामने?
भारत का जिक्र हाल के घटनाक्रमों से जुड़ा हुआ है, जिनमें दोनों देशों के बीच अपेक्षाकृत सकारात्मक संबंध दिखे हैं। अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा था कि युद्ध जैसे हालात के बावजूद ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को सुरक्षित गुजरने दे रहा है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध जारी है। उन्होंने भारत को “मित्र देशों” में शामिल बताया।
कश्मीर से मानवीय मदद भी बनी वजह
इस संदेश के पीछे एक और कारण भारत से मिली मानवीय सहायता भी मानी जा रही है। खासकर जम्मू और कश्मीर के लोगों ने हाल के हफ्तों में ईरान के प्रभावित लोगों के लिए दान अभियान चलाए। लोगों ने नकद, गहने और घरेलू सामान तक दान किए। एक उदाहरण में एक कश्मीरी महिला ने अपने दिवंगत पति की याद में करीब 30 साल से संभालकर रखा सोना दान कर दिया। भारत में ईरानी दूतावास ने ऐसे कदमों के लिए सार्वजनिक रूप से आभार जताया और कहा कि यह सहयोग कभी नहीं भुलाया जाएगा।
बच्चों ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
Iran in India ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें भारतीय बच्चों द्वारा अपने गुल्लक दान करने की बात बताई गई। यह मदद मिनाब स्कूल के छात्रों के लिए थी, जो युद्ध से प्रभावित हुए हैं। दूतावास ने इसे “छोटे लेकिन प्यार से भरे दिलों” का योगदान बताते हुए भारत के प्रति आभार जताया। यह पोस्ट उस घटना के बाद सामने आया, जिसमें मिनाब स्कूल पर मिसाइल हमले में कई बच्चों की मौत हुई थी।
भारत की संतुलित कूटनीति
यह घटनाक्रम भारत की संतुलित स्थिति को भी दर्शाता है, जहां एक ओर लोगों में मानवीय संवेदनाएं दिख रही हैं, वहीं दूसरी ओर भारत के अमेरिका और इज़रायल के साथ कूटनीतिक संबंध भी हैं। भारत ने मध्य पूर्व संकट की निंदा करते हुए लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है। यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था।
