Indore: 10 साल की मन्नतों के बाद हुआ था बेटा, मां ने दूध को हल्का करने के लिए मिलाया पानी, मासूम ने तोड़ा दम, अब तक 9 की मौत
punjabkesari.in Thursday, Jan 01, 2026 - 10:47 AM (IST)
नेशनल डेस्क: देश के सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाले इंदौर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने इस दावे को गहरे सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पीने के पानी ने 5 महीने के मासूम अव्यान की जान ले ली। जिस पानी को उसकी मां ने दूध को हल्का करने के लिए इस्तेमाल किया था, वही पानी बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ।
मां की ममता, सिस्टम की लापरवाही
अव्यान के पिता सुनील साहू ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके बेटे को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी। वे उसे तुरंत एक बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले गए। डॉक्टर की सलाह पर घर पर ही दवाइयां दी जा रही थीं। इस दौरान बच्चे को बाहर से खरीदा गया दूध पिलाया जा रहा था, जिसे थोड़ा पतला करने के लिए नगर निगम के नल से आने वाले पानी में मिलाया गया। पर किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वही पानी, जो पीने योग्य होना चाहिए था, असल में बीमारी फैला रहा है।
बीमारी बढ़ी, मासूम हार गया जंग
सुनील साहू का कहना है कि दूध के साथ दूषित पानी जाने से बच्चे की हालत और बिगड़ने लगी। उल्टी और दस्त लगातार बढ़ते गए और आखिरकार 29 दिसंबर को उनके पांच महीने के बेटे ने दम तोड़ दिया। परिवार के लिए यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि भरोसे का टूटना था।
एक इलाके में सैकड़ों बीमार
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भागीरथपुरा इलाके में पिछले एक सप्ताह के भीतर उल्टी-दस्त की बीमारी से 1100 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से करीब 150 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालात इतने गंभीर हैं कि स्थानीय अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है।
शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा
प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीने के पानी की पाइपलाइन में लीकेज के चलते नाले का गंदा पानी मिल गया। इसी वजह से पूरे इलाके में बीमारी तेजी से फैली। यह लापरवाही कब और कैसे हुई, इसकी जांच जारी है।
मौतों के आंकड़ों पर विरोधाभास
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अब तक दूषित पानी से 7 मौतों की पुष्टि की है। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि बीते एक हफ्ते में भागीरथपुरा में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई है। इनमें एक छह महीने का बच्चा और छह महिलाएं शामिल बताई जा रही हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
