हॉर्मुज में भारत की बड़ी कामयाबीः अमेरिकी ‘चक्रव्यूह’ तोड़ निकला ‘सर्व शक्ति’ टैंकर, ईरान की मदद से पूरा किया खतरनाक सफर
punjabkesari.in Sunday, May 03, 2026 - 06:58 PM (IST)
International Desk: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। भारत से जुड़ा एलपीजी टैंकर Sarva Shakti सफलतापूर्वक होर्मुज को पार कर चुका है।यह जहाज करीब 45,000 टन एलपीजी (रसोई गैस) लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार यह टैंकर ईरान के Larak Island और Qeshm Island के पास से गुजरते हुए ओमान की खाड़ी में पहुंचा। इस जहाज पर 18 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद हैं और यह विशाखापत्तनम के एक बड़े टर्मिनल की ओर जा रहा है।
India-linked LPG tanker Sarv Shakti crosses Strait of Hormuz amid US blockade
— NationPress (@np_nationpress) May 3, 2026
India-linked LPG tanker Sarv Shakti crosses Strait of Hormuz carrying 45,000 tonnes of cooking fuel — first such transit since the US-led blockade began disrupting global ener…… pic.twitter.com/XWzpMKLFJ1
खास बात यह है कि इसने ईरान द्वारा तय किए गए सुरक्षित मार्ग का पालन करते हुए यह मुश्किल सफर पूरा किया। यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका की नाकेबंदी के बाद यह भारत से जुड़ा पहला टैंकर है जो इस संवेदनशील जलमार्ग से सफलतापूर्वक गुजर पाया है। इससे पहले यहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्गो का खरीदार Indian Oil Corporation है, हालांकि कंपनी ने इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। भारत इस समय ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। मिडिल ईस्ट से सप्लाई बाधित होने के कारण एलपीजी की कमी, लंबी कतारें और सीमित आपूर्ति की समस्या सामने आई है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता है, इसलिए यह पारगमन बेहद अहम माना जा रहा है।
इससे पहले अप्रैल में हालात तब बिगड़ गए थे जब ईरान ने जहाजों पर फायरिंग की, जिससे कई टैंकरों को वापस लौटना पड़ा। हालांकि ‘देश गरिमा’ नाम का एक भारतीय जहाज ट्रांसपोंडर बंद करके निकलने में सफल रहा था। अब भारत ने ईरान के साथ बातचीत कर कई टैंकरों के सुरक्षित पारगमन की व्यवस्था की है। साथ ही देश में एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri के अनुसार, उत्पादन 60% बढ़ाकर 54,000 टन कर दिया गया है। हालांकि हॉर्मुज में अभी भी जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं हुई है और इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप के कारण कई जहाजों की लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है।कुल मिलाकर, ‘सर्व शक्ति’ की यह यात्रा भारत के लिए न सिर्फ एक राहत है, बल्कि यह दिखाती है कि गंभीर वैश्विक संकट के बीच भी भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है।
