वैश्विक गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार संभला, निवेशकों का भरोसा बरकरार
punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 08:43 PM (IST)

नेशलन डेस्क: अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ वृद्धि संबंधी घोषणा ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। हालांकि, भारतीय शेयर बाजार पर इसका असर अपेक्षाकृत कम रहा। निवेशकों ने इस घोषणा को गंभीरता से नहीं लिया और बाजार में स्थिरता बनी रही।
भारतीय बाजारों की प्रतिक्रिया
घोषणा के बाद भारतीय बाजारों में हल्की गिरावट देखी गई, लेकिन यह अल्पकालिक रही और बाजार में जल्द ही सुधार हुआ।
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निफ्टी 50: 82.25 अंकों की गिरावट के साथ 23,250.10 पर बंद (0.35% की गिरावट)
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बीएसई सेंसेक्स: 322.08 अंकों की गिरावट के साथ 76,295.36 पर बंद (0.42% की गिरावट)
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निफ्टी बैंक: 249.30 अंकों की वृद्धि के साथ 51,597.35 पर बंद (0.49% की वृद्धि)
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इंडिया वीआईएक्स: 0.1225 अंकों की गिरावट के साथ 13.6000 पर बंद (0.89% की गिरावट)
गिरावट के सीमित कारण
भारतीय बाजारों में इस गिरावट के पीछे कुछ मुख्य कारण रहे:
1. सीमित व्यापार प्रभाव
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार अन्य देशों की तुलना में कम है, जिससे टैरिफ का सीधा प्रभाव सीमित है।
2. घरेलू मांग पर निर्भरता
भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से घरेलू मांग पर निर्भर करती है, जिससे वैश्विक व्यापार में उतार-चढ़ाव का असर कम पड़ता है।
निवेशकों ने ट्रम्प की घोषणा को गंभीरता से नहीं लिया और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा जताया। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में तेजी से सुधार देखा गया। टैरिफ के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं देखी गई।