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भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग को किया तलब, भारतीय अधिकारियों को प्रताड़ित करने को लेकर जताया विरोध

2020-06-17T05:41:24.873

नई दिल्लीः सरकार ने पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी का तलब करके इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में तैनात दो अधिकारियों को सोमवार को अगवा करके प्रताड़ित किए जाने को उकसावे वाली कार्रवाई बताया और इस मुद्दे पर आज कड़ा विरोध दर्ज कराया।  विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यहां एक बयान में यह जानकारी दी।
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भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारियों को 15 जून को पाकिस्तानी एजेंसियों ने बलपूर्वक अगवा कर लिया था और दस घंटे से अधिक समय तक अवैध रूप से हिरासत में रखा। उन्हें इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग और दिल्ली में विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद रिहा किया गया था। दोनों अधिकारियों से अपराधियों की तरह पूछताछ की गई और प्रताड़ित किया गया जिससे उन्हें काफी चोटें आईं हैं। दोनों अधिकारियों पर फर्जी आरोप लगाए गए हैं। भारतीय उच्चायोग के वाहन को भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त किया गया।

बयान के अनुसार भारत सरकार ने पाकिस्तानी अधिकारियों की इस हरकत की कड़ी निंदा की है और कहा है कि पाकिस्तान के इन कदमों से राजनयिक संबंधों को लेकर 1961 की विएना संधि तथा 1992 में दोनों देशों के बीच हुए राजनयिक आचरण के बारे में आचार संहिता करार सहित हर प्रकार के राजनयिक आचार का उल्लंघन हुआ है। बयान में भारत सरकार ने इस बात पर भी गहरी चिंता व्यक्त की कि पाकिस्तानी एजेंसियों ने भारतीय मिशनों के अन्य अधिकारियों को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है। 
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बयान के अनुसार पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी से कहा गया है कि भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों, कर्मचारियों उनके परिवारों एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है। पाकिस्तान की ऐसी हरकतें तनाव बढ़ाने वाली हैं लेकिन इससे पाकिस्तान की उकसावे वाली गतिविधियों तथा भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने से विश्व समुदाय का ध्यान भटका नहीं पाएगा।

 

 


Yaspal

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