भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में और एक कदम, देश में शुरू हुआ टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग
punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 09:03 PM (IST)

नेशनल डेस्क : भारत अपने आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ रहा है। 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में चल रही तेज़ी पर बात की थी। इसी क्रम में देश में अब मोबाइल उपकरणों के लिए टेम्पर्ड ग्लास का निर्माण शुरू हो गया है। देश की पहली टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी नोएडा में शुरू की गई है, जहां ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी अमेरिकी कंपनी Corning Incorporated के सहयोग से टेम्पर्ड ग्लास का उत्पादन कर रही है।
इस फैसिलिटी में स्क्राइबिंग, पॉलिशिंग, केमिकल टेम्परिंग, कोटिंग, प्रिंटिंग और लेमिनेशन जैसी प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा, और यहां बने उच्च गुणवत्ता वाले टेम्पर्ड ग्लास की सप्लाई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में की जाएगी।
अश्विनी वैष्णव ने किया उद्घाटन
शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस फैसिलिटी में 70 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। उद्घाटन के दौरान मंत्री ने कहा, "टेम्पर्ड ग्लास मोबाइल फोन के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक उपकरण है। इसका भारत में निर्माण मेक इन इंडिया की सफलता और पीएम मोदी के विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब भारत मोबाइल फोन के हर कंपोनेंट का निर्माण करेगा, जिससे देश इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित होगा।"
वहीं, वैष्णव ने यह भी कहा कि "जल्द ही मेक इन इंडिया चिप्स की शुरुआत भी होगी, जो भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा।"
मेक इन इंडिया टेम्पर्ड ग्लास का उपयोग करें
ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने कहा, "भारत दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल फोन बाजारों में से एक है, लेकिन अभी तक हम टेम्पर्ड ग्लास के लिए आयात पर निर्भर थे। इस पहल के साथ, हम भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में हाई क्वालिटी प्रोडक्ट्स के लिए डिमांड उत्पन्न करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हर भारतीय मोबाइल फोन यूजर मेक इन इंडिया टेम्पर्ड ग्लास का इस्तेमाल करें, जो बीआईएस प्रूफ और फॉग मार्किंग वाले हों।" मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी के अनुसार, भारत में टेम्पर्ड ग्लास का घरेलू बाजार 500 मिलियन यूनिट से अधिक है, जिसका खुदरा मूल्य लगभग 20,000 करोड़ रुपये है। वहीं, ग्लोबल मार्केट का मूल्य 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक एसेसरीज मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनेगा
इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के अध्यक्ष पंकज महेंद्रू ने कहा, "यह मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस भारत के लिए एक शानदार अवसर है। यह न केवल हमारी घरेलू मांग को पूरा करेगा, बल्कि भारत को एक बड़ा एक्सपोर्टर भी बनाएगा। उच्च गुणवत्ता वाली मैन्युफैक्चरिंग से MSMEs को समर्थन मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे, जिससे भारत इलेक्ट्रॉनिक एसेसरीज मैन्युफैक्चरिंग का एक वैश्विक केंद्र बनेगा।" इस फैसिलिटी के पहले चरण में 2.5 करोड़ यूनिट का उत्पादन होगा, जिससे 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। दूसरे चरण में 800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश से इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 20 करोड़ यूनिट सालाना की जाएगी, जिससे 4,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भारी वृद्धि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रोडक्शन वैल्यू 6 गुना बढ़कर ₹11.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें ₹3 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात और 25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।