भारत के युद्धविराम प्रस्ताव से यूक्रेन खुश, जेलेंस्की बोले-सीजफायर को तैयार, बस रूस की हां का इंतजार
punjabkesari.in Thursday, Sep 24, 2026 - 12:34 PM (IST)
New York: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की पहल से समुद्री मोर्चे पर सीमित युद्धविराम की नई उम्मीद जगी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि भारत, मिस्र और तुर्किये की ओर से रखे गए प्रस्ताव के आधार पर यूक्रेन काला सागर में युद्धविराम के लिए तैयार है। हालांकि, इसके लिए रूस की सहमति जरूरी होगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ‘क्राइमिया प्लेटफॉर्म’ शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की ने कहा कि भारत, मिस्र और तुर्किये ने काला सागर में मालवाही जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के विकल्प सामने रखे हैं। उन्होंने कहा कि अब यूक्रेन रूस के जवाब का इंतजार कर रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन सुरक्षित समुद्री परिवहन और काला सागर में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए रूस को भी तनाव कम करने की दिशा में वास्तविक कदम उठाने होंगे।
काला सागर रूस और यूक्रेन दोनों के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों और बंदरगाहों पर हमलों के कारण माल की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका असर गेहूं, मक्का और अन्य खाद्य उत्पादों की आपूर्ति पर पड़ रहा है। काला सागर के रास्ते केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि रूस भी अनाज, तेल, उर्वरक और अन्य उत्पादों का निर्यात करता है। इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के उन देशों पर भी असर पड़ सकता है जो काला सागर क्षेत्र से आने वाले अनाज पर निर्भर हैं। जेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षित जहाजरानी बहाल करने के लिए शुरुआत कहीं से तो करनी होगी। उनका कहना है कि यूक्रेन अपनी तरफ से इस दिशा में कदम उठाने को तैयार है।
जेलेंस्की ने बताया कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात में युद्ध के दौरान ऊर्जा संयंत्रों पर हमले नहीं करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई थी। यूक्रेन को आशंका है कि सर्दियों से पहले रूस उसके बिजली और गर्मी आपूर्ति से जुड़े ढांचे को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बना सकता है। इसी वजह से यूक्रेन ऊर्जा ढांचे और काला सागर में जहाजरानी से जुड़े हमलों पर सीमित युद्धविराम की मांग कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात के बाद कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों ने अनाज और ऊर्जा से जुड़े सीमित युद्धविराम में रुचि दिखाई है। रुबियो ने हालांकि यह भी संकेत दिया कि ऐसा समझौता आसान नहीं होगा। रूस की ओर से अभी तक काला सागर या ऊर्जा ढांचे को लेकर युद्धविराम स्वीकार करने का कोई स्पष्ट सार्वजनिक संकेत सामने नहीं आया है।क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इससे पहले कहा था कि व्यापक यूक्रेन शांति वार्ता शुरू करने के लिए फिलहाल जरूरी परिस्थितियां मौजूद नहीं हैं, हालांकि रूस बातचीत के लिए खुला है।
जेलेंस्की ने मंगलवार को कहा था कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ त्रिपक्षीय बैठक के लिए तैयार हैं। ऐसे में काला सागर में सीमित युद्धविराम, ऊर्जा संयंत्रों पर हमले रोकने और संभावित उच्चस्तरीय बातचीत—तीनों मुद्दे रूस-यूक्रेन संघर्ष में तनाव कम करने की कोशिशों से जुड़े हुए हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रूस भारत, मिस्र और तुर्किये से जुड़े इस समुद्री युद्धविराम प्रस्ताव पर सहमति देता है या नहीं। इस बीच रूस ने बुधवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमले में दो लोगों की मौत और 23 लोग घायल हुए। कई इमारतों में आग लगने की भी खबर है।यूक्रेन के नियंत्रण वाले जपोरीजिया में एक शॉपिंग मॉल को भी रूसी हमले में नुकसान पहुंचा और दो लोग घायल हुए। दूसरी ओर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने यूक्रेन से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों, माल ढुलाई के ठिकानों और समुद्री जहाजों को निशाना बनाया।
