CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन का बड़ा एक्शन प्लान: जनता की अदालत में लाएगा महाभियोग

punjabkesari.in Sunday, Oct 25, 2026 - 05:57 AM (IST)

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वोट चोरी और एसआईआर (SIR) में कथित गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन आर-पार के मूड में आ गया है। गठबंधन की ओर से ज्ञानेश कुमार पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है, जिसके तहत उनके खिलाफ 'जनता की अदालत' में महाभियोग लाया जाएगा।

30 अक्टूबर को जन-महाभियोग, सुनाया जाएगा जनता का फैसला 
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि संविधान को बचाने और वोट चोरी को नाकाम करने के प्रयासों के तहत इंडिया गठबंधन 30 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण जन-महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करेगा। वेणुगोपाल के अनुसार, इस कार्यक्रम के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए जनता का स्पष्ट फैसला सुनाया जाएगा।

'दिल्ली चलो मार्च' और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में मेगा रैली 
महाभियोग कार्यक्रम के बाद विपक्ष वोट चोरी के विरोध में 'दिल्ली चलो मार्च' निकालेगा। यह मार्च नवंबर में दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में जाकर संपन्न होगा, जिसमें कम से कम 10 लाख जागरूक नागरिकों के हिस्सा लेने की संभावना जताई गई है। कांग्रेस ने दावा किया है कि 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली यह रैली इंडिया गठबंधन की अब तक की सबसे बड़ी रैली होगी। इस महारैली में गठबंधन के सभी बड़े नेता एक मंच पर मौजूद रहेंगे।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने संभाली कमान, दलों से की एकजुटता की अपील 
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस शक्ति प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों से संपर्क साधा है और उनसे आग्रह किया है कि कार्यक्रम के दौरान उनके शीर्ष नेता व सदस्य भारी संख्या में दिल्ली में मौजूद रहें। इससे पहले के.सी. वेणुगोपाल और अजय माकन ने एआईसीसी प्रभारियों, पीसीसी अध्यक्षों और दिल्ली के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर 1 नवंबर की मेगा रैली की तैयारियों की रूपरेखा तैयार की।

भाजपा का हमला: 1984 के सिख दंगों से जोड़ा रैली का समय
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इंडिया गठबंधन की इस महारैली पर कड़ा प्रहार किया है। भाजपा का आरोप है कि 1 नवंबर की तारीख जानबूझकर तय की गई है, क्योंकि यह तारीख 1 नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों के काले अध्याय की याद दिलाती है। भाजपा ने यह भी दावा किया कि गठबंधन के कई अन्य दल इस तारीख के चयन से पूरी तरह सहमत नहीं थे।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News