एकतरफा प्यार में बना खूनी साजिश का प्लान, दोस्त की हत्या के लिए दी 2 लाख की सुपारी, 7 आरोपी गिरफ्तार
punjabkesari.in Monday, Oct 19, 2026 - 01:02 PM (IST)
नई दिल्ली: दिल्ली के सोनिया विहार में सीएनजी पंप ऑपरेटर मनीष यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच के मुताबिक, एकतरफा प्यार और पुरानी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी उमेश मौर्य, साजिश में शामिल अन्य आरोपियों और दो नाबालिग शूटरों समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, दो कारतूस और बाइक भी बरामद की गई है।
स्कूल के जमाने से मनीष की पत्नी को पसंद करता था आरोपी
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी उमेश मौर्य उर्फ मयंक (38), मनीष यादव और मनीष की पत्नी एक ही स्कूल में पढ़ते थे। आरोप है कि उमेश स्कूल के दिनों से ही मनीष की पत्नी से एकतरफा प्यार करता था। बाद में मनीष ने अपनी स्कूल की दोस्त से प्रेम विवाह कर लिया। पुलिस का कहना है कि इसी बात से जुड़ी नाराजगी के चलते उमेश ने मनीष को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
दो लाख रुपये में दी हत्या की सुपारी
जांच में सामने आया कि उमेश ने अपने साथी विवेक सिंह (26) के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि विवेक ने दो नाबालिग शूटरों का इंतजाम किया और उन्हें हत्या के बदले दो लाख रुपये देने का वादा किया। पुलिस के मुताबिक, यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश मौर्य उर्फ मयंक, विवेक सिंह, आनंद (22), नितिन उर्फ नरेंद्र (32), भीम सिंह (45) और दो नाबालिगों के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, विवेक पेशे से वकील है और तंत्र-मंत्र से जुड़े काम भी करता था, जबकि नितिन शिक्षा विभाग में अनुबंध पर डेटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर काम करता था।
घर से बाहर बुलाकर मारी गोली
पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मिलिंद महादेव डुंबरे के मुताबिक, 14 अक्टूबर की रात सोनिया विहार के साढ़े चार पुश्ता इलाके में बाइक सवार दो युवकों ने मनीष यादव के सिर में बेहद करीब से गोली मार दी। घायल मनीष को पड़ोसियों की मदद से सिविल लाइंस स्थित ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में पता चला कि गोली चलने से कुछ मिनट पहले उमेश ने मनीष को फोन कर घर के बाहर बुलाया था। बताया जाता है कि उसने एक हजार रुपये उधार लेने के बहाने मनीष को बाहर आने के लिए कहा। इसी दौरान बाइक सवार शूटरों ने उस पर गोली चला दी।
200 सीसीटीवी कैमरों की जांच से खुला राज
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। शुरुआत में कॉल करने वाले विवेक ने पुलिस को बताया कि हेलमेट पहने बाइक सवार दो युवकों ने वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि, पूछताछ के दौरान उसके बयान पर संदेह हुआ। पुलिस के अनुसार, सख्ती से पूछताछ करने पर विवेक ने कथित साजिश के बारे में जानकारी दी।
हथियार और बाइक का इंतजाम करने वालों की तलाश
पुलिस के मुताबिक, विवेक ने अपने परिचित नितिन के जरिए पिस्टल का इंतजाम कराया था। नितिन ने कथित तौर पर झड़ौदा निवासी भीम सिंह से पिस्टल दिलवाई। इसके अलावा, कारतूस और चोरी की बाइक का भी इंतजाम किया गया था। पुलिस का कहना है कि योजना के तहत उमेश ने मनीष को घर से बाहर बुलाया और नाबालिग शूटरों ने उस पर गोली चला दी। मामले में कारतूस और बाइक उपलब्ध कराने वाले कुछ अन्य लोगों की तलाश अभी जारी है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
