कोविड के बाद सोशल मीडिया का अधिक उपयोग, युवाओं में तनाव और अलगाव बढ़ा: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई
punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 04:56 PM (IST)

नेशनल डेस्क: लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने बृहस्पतिवार को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं में तनाव और सामाजिक अलगाव को बढ़ा रहा है। गोगोई ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह बात कही और मानसिक स्वास्थ्य को देश में एक गंभीर मुद्दा बताया।
आत्महत्या के बढ़ते मामले
गोगोई ने चिंता जताते हुए बताया कि हाल ही में आए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 40,000 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है, जो कि एक चिंताजनक संकेत है। उन्होंने सवाल उठाया, "हमारा देश किस दिशा में बढ़ रहा है?"
नेटफ्लिक्स शो "एडोलेसेंस" का उदाहरण
कांग्रेस सांसद ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर आए शो "एडोलेसेंस" का उदाहरण देते हुए बताया कि यह शो इस बात को दर्शाता है कि पढ़ाई के दबाव में सोशल मीडिया पर धमकी दी जाती है, जिससे भावनात्मक तनाव बढ़ता है। यह तनाव युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
विषाक्त मर्दानगी का प्रभाव
गोगोई ने कहा कि कई युवा ऑनलाइन पुरुष "इंफ्लुएंसर" की तलाश करते हैं, जो नई मर्दानगी की परिभाषा प्रस्तुत करते हैं। यह न केवल पुरुषों, बल्कि महिलाओं के लिए भी हानिकारक है और नारीवाद को पीछे धकेलता है। उन्होंने इसे एक नई तरह की विषाक्त मर्दानगी बताया, जो युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर और भी नकारात्मक प्रभाव डालती है।
सोशल मीडिया पर बढ़ती निर्भरता और मानसिक स्वास्थ्य
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि विशेष रूप से कोविड महामारी के बाद, युवा सोशल मीडिया पर अधिक निर्भर हो गए हैं, जिससे तनाव और सामाजिक विलगाव बढ़ रहा है। इस समस्या के बढ़ने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
संसद में चर्चा की मांग
गोगोई ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर संसद में चर्चा करने की मांग की, ताकि इस मुद्दे पर गहरे विचार और समाधान निकल सके।