क्या आप किसी के लोन के गारंटर है? अगर उसने कर्ज न चुकाया तो आपको हो सकते हैं ये बड़े नुकसान
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 04:15 PM (IST)
नेशनल डेस्क : दोस्ती या रिश्तेदारी निभाने के लिए लोग अक्सर एक-दूसरे की मदद करते हुए लोन के गारंटर (Loan Guarantor) बनने के लिए तैयार हो जाते हैं। शुरुआत में यह सिर्फ एक सिग्नेचर जैसा लगता है, लेकिन कानून की नजर में गारंटर वही जिम्मेदारी निभाता है जो लोन लेने वाला करता है। अगर वह व्यक्ति लोन चुकाने में असफल हो जाए, तो आपकी जेब, संपत्ति और क्रेडिट स्कोर पर भी असर पड़ सकता है।
कानून गारंटर की जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता है
भारतीय कानून में गारंटर की जिम्मेदारी को गंभीर माना गया है। इसके लिए Indian Contract Act, 1872 की कुछ धाराएं अहम हैं:
धारा 126 (Section 126) – यह गारंटी के अनुबंध को परिभाषित करती है। इसके मुताबिक, अगर लोन लेने वाला (Principal Debtor) डिफॉल्ट करता है, तो गारंटर (Surety) उसकी जिम्मेदारी पूरी करेगा।
धारा 128 (Section 128) – इसे सबसे महत्वपूर्ण और खतरनाक धारा माना जाता है। यह कहती है कि गारंटर की जिम्मेदारी Co-extensive होती है। यानी जितनी जिम्मेदारी लोन लेने वाले की है, उतनी ही आपकी भी। बैंक को हक है कि वह सीधे आपसे बकाया राशि की वसूली कर सके।
अगर लोन चुकाए नहीं, तो गारंटर के साथ क्या हो सकता है?
1. आपकी जेब पर दबाव
जैसे ही मुख्य कर्जदार EMI नहीं देता, बैंक आपको नोटिस भेजता है। इसके बाद बैंक कानूनी रूप से पूरी बकाया राशि, ब्याज और पेनल्टी वसूल सकता है। अगर आप भुगतान नहीं करते, तो बैंक संपत्ति कुर्की या सैलरी कटौती की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
2. CIBIL स्कोर प्रभावित
लोन न चुकाने से सिर्फ कर्जदार का ही नहीं, बल्कि आपका CIBIL स्कोर भी प्रभावित होता है। भविष्य में यदि आप खुद लोन लेना चाहें, तो बैंक आपको डिफॉल्टर मान सकता है और लोन रिजेक्ट कर सकता है।
3. कानूनी कार्रवाई
बैंक आपके खिलाफ कोर्ट में केस फाइल कर सकता है। गारंटर के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के कारण आप कानूनन बंधे होते हैं और यह नहीं कह सकते कि “पैसे तो उसने खर्च किए, मैं क्यों भरूं।”
4. अपनी संपत्ति का खतरा
अगर लोन सिक्योर्ड नहीं है, तो बैंक आपकी चल-अचल संपत्ति को अटैच कर सकता है।
गारंटर के पास बचाव के उपाय भी हैं
कानून गारंटर को कुछ हक भी देता है:
- धारा 140 (Right of Subrogation) – अगर आपने बैंक को लोन चुका दिया, तो आप बैंक की जगह ले लेते हैं और अब कानूनी रूप से लोन लेने वाले से पैसे वसूल सकते हैं।
- धारा 141 – अगर बैंक ने कर्जदार की कोई सिक्योरिटी (जैसे सोना या कागजात) आपकी मर्जी के बिना रिलीज कर दी, तो आपकी जिम्मेदारी कम हो सकती है।
गारंटर बनने से पहले क्या ध्यान रखें
- पूरी रकम के बजाय हिस्से के लिए गारंटर बनें।
- भावनाओं में बहकर साइन न करें। पहले यह देखें कि व्यक्ति वाकई लोन चुका पाएगा या नहीं।
- लोन लेने वाले से टर्म इंश्योरेंस लेने को कहें, ताकि उसकी मृत्यु की स्थिति में बोझ आप पर न आए।
- हमेशा कानून और दस्तावेजों की समझ के बाद ही गारंटर बनने का निर्णय लें।
