गुजरात में कैसे हार गई कांग्रेस

punjabkesari.in Friday, Dec 09, 2022 - 11:05 AM (IST)

सूरत: गुजरात में विधानसभा चुनावों के परिणाम वैसे तो भाजपा को सफलता दिखाते दिख रहे थे, लेकिन पार्टी रिकार्ड तोड़ देगी, यह किसी ने सोचा नहीं था। सबसे बुरी हालत कांग्रेस की रही, जो 20 सीटें भी नहीं जीत पाई और कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। देश की सबसे पुरानी पार्टी का अब तक का यह सबसे बुरा प्रदर्शन है। 1990 के चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब था, लेकिन पार्टी भी फिर भी 33 सीटें ले गई थी। इससे पहले 2002 के चुनावों में कांग्रेस को 50 तथा 2007 में 59 सीटें मिली थीं, जबकि 2017 के चुनावों में कांग्रेस को 77 सीटें मिलीं। 

 

यह नहीं कि गुजरात में कांग्रेस की पकड़ नहीं है। 1985 के चुनावों में कांग्रेस को 149 सीटें मिली थीं और एक वह स्वर्णिम दौर कांग्रेस का रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी की एंट्री ने कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुक्सान पहुंचाया है और इसका सीधा फायदा भाजपा को मिला है। तीसरे दल के तौर पर 'आप' की एंट्री ने राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया, जिसने कांग्रेस का वोट बैंक खराब कर दिया जबकि भाजपा की सीटें और बढ़ा दीं। 

 

राहुल की रैलियां

देश भर में भारत जोड़ो यात्रा लेकर चल रहे राहुल गांधी गुजरात विधानसभा चुनावों में समय नहीं दे पाए। गुजरात में उनका चुनाव प्रचार न के बराबर था। राहुल गांधी ने यहां पर एक से दो जनसभाएं ही आयोजित कीं, जबकि इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात में डेरा डाले रहे। 

 

चेहरे की कमी

गुजरात में कांग्रेस की हार के लिए सबसे बड़ा जो एक कारण है, वह किसी बड़े चेहरे का न होना। पार्टी को इसी का नुक्सान हुआ। कांग्रेस ने गुजरात में किसी भी नेता को सी.एम. पद का उम्मीदवार नहीं बनाया था, जिसके कारण पार्टी को नुक्सान उठाना पड़ा। 

 

संगठन की कमी

गुजरात में पिछले काफी समय से कांग्रेस अंतर्कलह का शिकार हो रही है। इसी कारण चुनावों से पहले कई बड़े नेता भाजपा में चले गए। खासकर हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकुर जैसे नेता जो कांग्रेस के लिए फायदे का सौदा हो सकते थे, ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली। ऐसे नेताओं के जाने से पार्टी का संगठन और भी कमजोर हो गया। 

 

पीएम मोदी पर टिप्पणी का असर

गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना रावण से कर दी थी। इस प्रकार की टिप्पणी ने कांग्रेस के वोट बैंक को खराब किया, क्योंकि भाजपा ने इस मुद्दे को खूब भुनाया, जिसका असर पार्टी के वोट बैंक पर पड़ा।


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Content Writer

Seema Sharma

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