थाइलैंड में अमेरिकी सैनिकों और सैक्स नेटवर्क का पुराना कनैक्शन, जानें US सैन्य ठिकानों के आसपास देह व्यापार का काला सच(Video)
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 07:33 PM (IST)
Bangkok: अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln के करीब 5,000 नाविकों के थाईलैंड के पटाया में पांच दिन रुकने के बाद शहर एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर अमेरिकी सैनिकों के बार और मनोरंजन इलाकों में जाने के वीडियो सामने आए। इसके बाद पटाया में सेक्स वर्क और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के पुराने रिश्ते पर बहस तेज हो गई। लिंकन 6 सितंबर को थाईलैंड से रवाना हो गया। उसके पहुंचने से पहले स्थानीय पुलिस ने समुद्र किनारे के इलाके में सार्वजनिक वेश्यावृत्ति के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।हालांकि, इस पूरी घटना को सिर्फ मौजूदा विवाद के रूप में देखना अधूरा होगा। पटाया का अमेरिकी सैनिकों से संबंध कई दशक पुराना है।
US MARINES
— Sid (@Trending_Sid) September 6, 2026
🚢 🇹🇭 U.S. Marines were reportedly seen in Pattaya heavily intoxicated and involved in fights, prompting Thai authorities to ban them from entering several entertainment areas.#USMarines #Thailand #Thai #Pattaya #News #AbrahamLincoln #Trump #6Septiembre… pic.twitter.com/lFUHt3Vqdo
वियतनाम युद्ध से जुड़ा पताया का इतिहास
पटाया के पर्यटन उद्योग के विकास में वियतनाम युद्ध (1955-1975) के दौरान अमेरिकी सैनिकों की छुट्टियों और मनोरंजन यात्राओं की भूमिका का अक्सर उल्लेख किया जाता है। समय के साथ शहर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन गया और इसके साथ नाइटलाइफ तथा सेक्स इंडस्ट्री भी विकसित हुई। आज पताया की अर्थव्यवस्था केवल अमेरिकी सैनिकों पर निर्भर नहीं है। लेकिन अमेरिकी नौसैनिकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के दौरान स्थानीय कारोबार में अचानक गतिविधि बढ़ना इस पुराने संबंध की याद जरूर दिलाता है।
5 हजार सैनिकों से स्थानीय कारोबार पर असर
थाई मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार पटाया के मेयर पोरामासे नगाम्पिचेस ने अनुमान जताया कि एक अमेरिकी सैनिक रोजाना करीब 1,000 से 3,000 थाई बात तक खर्च करता है। यानी हजारों सैनिकों का कुछ दिनों का प्रवास होटल, रेस्तरां, बार, परिवहन और दूसरे स्थानीय कारोबार के लिए आर्थिक गतिविधियां बढ़ा देती है।इसी वजह से शहर के कुछ कारोबारी अमेरिकी नौसैनिकों की मौजूदगी को आर्थिक रूप से फायदेमंद मानते हैं।
कहानी कुछ और भी
अमेरिकी सैन्य ठिकानों के आसपास मनोरंजन उद्योग और सेक्स वर्क का इतिहास केवल थाईलैंड तक सीमित नहीं है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लंबे समय से सैन्य अड्डों के आसपास ऐसे कारोबार विकसित होते रहे हैं। इसका कारण केवल अमेरिकी सेना नहीं है। इतिहास में सैन्य छावनियों के आसपास बड़ी संख्या में पुरुष सैनिकों की मौजूदगी ने स्थानीय सेवा और मनोरंजन अर्थव्यवस्था को जन्म दिया है। कई मामलों में सरकारों और सैन्य प्रशासन ने भी इस गतिविधि को नियंत्रित या रेगुलेट करने की कोशिश की।
'Handsome American STAR' — MOGGING US Navy sailors steal HEARTS in Pattaya https://t.co/i7MDrijAcI pic.twitter.com/gZvC2USuah
— RT Intl (@RT_on_X) September 4, 2026
भारत में भी था ऐसा सिस्टम
औपनिवेशिक भारत इसका एक ऐतिहासिक उदाहरण है। कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास जैसे बंदरगाह शहरों के आसपास ब्रिटिश सैनिकों की मौजूदगी के साथ सेक्स वर्क का एक नियंत्रित ढांचा विकसित हुआ था।1864 के Cantonment Act के तहत ब्रिटिश सैन्य छावनियों के आसपास सेक्स वर्क से जुड़े लोगों का पंजीकरण और स्वास्थ्य जांच जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई थीं।यह व्यवस्था सैनिकों के बीच यौन संचारित बीमारियों को नियंत्रित करने की औपनिवेशिक नीति का हिस्सा थी।
'कैंपटाउन' की कहानी
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी सेना की दक्षिण कोरिया में मौजूदगी बढ़ी। अमेरिकी सैन्य ठिकानों के आसपास कई इलाकों में स्थानीय अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे सैनिकों की जरूरतों से जुड़ती गई। इन इलाकों को अक्सर 'कैंपटाउन' कहा गया। यहां बार, क्लब, मनोरंजन स्थल और सेक्स वर्क से जुड़े कारोबार विकसित हुए। इन इलाकों का असर बाद में स्थानीय अर्थव्यवस्था और समाज पर भी पड़ा।हालांकि इस इतिहास को केवल 'अमेरिकी सैनिकों की मांग' के नजरिए से देखना सही नहीं होगा। इसमें युद्ध के बाद की गरीबी, लैंगिक असमानता, सरकारी नीतियां और स्थानीय आर्थिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण थीं।
USS ABRAHAM LINCOLN: CONTROVERSY ERUPTS IN PATTAYA BEFORE DEPARTURE
— Subodh Kumar (@kumarsubodh_) September 7, 2026
Before the USS Abraham Lincoln’s departure from Thailand, reports emerged of U.S. Marines allegedly becoming heavily intoxicated and getting involved in fights in Pattaya.
Thai authorities reportedly barred… https://t.co/mJJo8XypKX pic.twitter.com/R7lZvVXBcu
जापान की 'कम्फर्ट वुमेन' की भयावह कहानी
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना द्वारा महिलाओं को यौन शोषण और जबरन सेक्स के लिए इस्तेमाल किए जाने का इतिहास इससे अलग और बेहद गंभीर मामला है।'Comfort women' शब्द का इस्तेमाल उन महिलाओं के लिए किया गया जिन्हें जापानी सैन्य व्यवस्था में यौन शोषण का सामना करना पड़ा। कोरिया, चीन और एशिया के अन्य हिस्सों की महिलाएं इसका शिकार बनीं। युद्ध के बाद दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के साथ कुछ पुराने सैन्य इलाकों की संरचनाएं नए रूप में इस्तेमाल हुईं।
आखिर सैन्य ठिकानों के आसपास क्यों बनते हैं ऐसे इलाके? इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं
- बड़ी संख्या में सैनिकों का लंबे समय तक एक जगह रहना
- स्थानीय अर्थव्यवस्था में अचानक पैसा आना
- मनोरंजन और नाइटलाइफ की मांग बढ़ना
- गरीबी और रोजगार के सीमित अवसर
- स्थानीय प्रशासन की नीतियां
- सैन्य अड्डों के आसपास अलग आर्थिक क्षेत्र विकसित होना
