बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के निशाने पर हिंदूः 15 दिन में 7 युवकों की बेरहमी से हत्या, यूनुस सरकार खामोश क्यों
punjabkesari.in Tuesday, Jan 06, 2026 - 02:48 PM (IST)
Dhaka: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है और हालात दिन-ब-दिन अधिक भयावह होते जा रहे हैं। चंद दिनों के भीतर 7 हिंदुओं की बेरहमी से हत्या ने पूरे देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।बांग्लादेश अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा के एक भयावह दौर में प्रवेश कर चुका है। बीते 24 घंटे के भीतर दो हिंदुओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक विधवा महिला के साथ बलात्कार के बाद उसे मारने की कोशिश किए जाने की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। नरसिंगदी शहर में अज्ञात हमलावरों ने एक किराना दुकान के मालिक 40 वर्षीय हिंदू व्यक्ति की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। यह घटना सोमवार रात हुई। इससे कुछ ही घंटों पहले बांग्लादेश के जेस्सोर जिले में सोमवार को अज्ञात हमलावरों ने एक हिंदू व्यापारी को सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी जो एक समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक भी थे।
🚩Hindu Peril 🚩
— 2 Foreigners In Bollywood (@2_F_I_B) January 6, 2026
Mani Chakraborty, 6th Hindu killed in 20 days in Bangladesh—at Narsingdi's Charsindur Bazar last night
Grocery owner hacked at his shop
Yunus govt silent on minority genocide
India must act!#SaveBanglaHindus #BangladeshViolence pic.twitter.com/fa6LtQkSAB
बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था बुरी तरह चरमराई
इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था बुरी तरह चरमरा चुकी है। सोमवार को हुई इन घटनाओं को बीते एक महीने में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में तेज बढ़ोतरी के रूप में देखा जा रहा है। यह बीते तीन सप्ताह में हिंदू समुदाय के खिलाफ पांचवीं बड़ी हिंसक घटना बताई जा रही है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में लगातार हो रही ये घटनाएं चुनाव से पहले सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंसा की यह श्रृंखला देश में अस्थिरता और भय का माहौल पैदा कर रही है।
मोनिरामपुर में हिंदू व्यापारी की हत्या
सोमवार शाम को जेस्सोर जिले के मोनिरामपुर उपजिला में 45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात 5 जनवरी को कपालिया बाजार में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 5:45 बजे अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर गोलियां चला दीं। गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि राणा प्रताप बैरागी रोजमर्रा के काम से बाजार आए थे, तभी उन्हें निशाना बनाया गया। अब तक हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने न तो किसी गिरफ्तारी की जानकारी दी है और न ही किसी संभावित वजह पर आधिकारिक बयान जारी किया है।
7 Hindu men have been killed in 15 days - Bangladesh is not a safe place for minorities. The rise of communal hatred and violence against minorities is a new normal under the watch of #Yunus. @deepscribble @ShivaniGupta_5 @GaurieD @HRF @hrw @amnestysasia @RT_India_news pic.twitter.com/WXp3qyg1mv
— 1971 Enthusiast (@joybd1971) January 6, 2026
विधवा से बलात्कार, हत्या की कोशिश
इसी दौरान सामने आई एक अन्य घटना में एक विधवा महिला के साथ बलात्कार किया गया और फिर उसे मारने की कोशिश की गई। यह घटना अल्पसंख्यक महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
यूनुस प्रशासन खामोश क्यों?
लगातार हो रही हत्याओं और हमलों के कारण हिंदू समुदाय में भय का माहौल है। कई लोग खुले तौर पर कह रहे हैं कि वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यदि हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह संकट और गहराने की आशंका है।इन घटनाओं के बाद यूनुस प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। न तो कड़े बयान सामने आए हैं और न ही किसी विशेष सुरक्षा योजना की घोषणा। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह खामोशी हिंसा करने वालों का हौसला बढ़ा रही है। बांग्लादेश आज उस मोड़ पर खड़ा है, जहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था तीनों की एक साथ परीक्षा हो रही है।
