Heavy Rain Alert : मौसम ने अचानक ली करवट... इन 13 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी; बिजली-ओलों से बरतें सावधानी

punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 08:21 PM (IST)

नेशनल डेस्क : उत्तर भारत में पिछले दिनों आई आंधी-बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि अब मौसम तेजी से बदलने की ओर है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ चुका है, जिससे आने वाले दिनों में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी।

पहाड़ों पर अभी भी खराब मौसम का असर

मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने के बीच पहाड़ी राज्यों पर अगले 24 घंटे तक मौसम का असर बना रहेगा। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज हवाएं, बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी की संभावना है। इसके चलते कई इलाकों में ठंड का एहसास बरकरार रहेगा, जबकि मैदानी क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने लगेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में अलर्ट

मन्नार की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और ओलावृष्टि के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। वहीं, दक्षिण भारत के तटीय राज्यों—केरल, तमिलनाडु और अंडमान में वीकेंड के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

यूपी-बिहार में बढ़ेगा तापमान

उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम सामान्य बना हुआ है, लेकिन बारिश की संभावना कम है और तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। आने वाले एक सप्ताह तक मौसम सामान्य रह सकता है, लेकिन गर्मी की वापसी तय मानी जा रही है। बिहार में भी मौसम साफ रहने के साथ तापमान में बढ़ोतरी के संकेत हैं। हालांकि अभी तेज गर्मी से राहत है, लेकिन अगले सप्ताह के अंत तक लू जैसी स्थिति बन सकती है। छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ेगी गर्मी, AQI मध्यम स्तर पर

दिल्ली-एनसीआर में बादल छंट चुके हैं और अब तापमान बढ़ने की शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह तक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। शुष्क मौसम के कारण धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, हालांकि प्रदूषण में थोड़ी राहत मिली है और AQI फिलहाल मध्यम श्रेणी (लगभग 140) में दर्ज किया गया है।

हीटवेव का खतरा, जानिए क्या है मानक

देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में हीटवेव का खतरा बढ़ सकता है। मैदानी क्षेत्रों में 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान, जो सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक हो, हीटवेव माना जाता है। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री निर्धारित है। हीटवेव के दौरान डिहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, जिससे चक्कर आना, बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सनबर्न से भी रहें सावधान

गर्मी बढ़ने के साथ सनबर्न का खतरा भी बढ़ जाता है। सूरज की तेज यूवी किरणों के संपर्क में आने से त्वचा पर जलन, लाल चकत्ते, सूजन और छाले हो सकते हैं। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। ऐसे में धूप से बचाव और त्वचा की सुरक्षा बेहद जरूरी है।


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News Editor

Parveen Kumar

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