Heavy Rain Alert: IMD की ताजा चेतावनी: अगले 5 दिनों तक 17 राज्यों में तेज हवाओं, भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

punjabkesari.in Monday, Mar 30, 2026 - 08:55 AM (IST)

नई दिल्ली: मार्च की शुरुआत जिस तपिश के साथ हुई थी, किसी ने सोचा न था कि इसका अंत ओलों की बौछार और कड़कती बिजली के साथ होगा। कैलेंडर का पन्ना पलटने से पहले ही मौसम ने ऐसा यू-टर्न लिया है कि देश के बड़े हिस्से में पंखे और एसी की जगह अब छतरियां और रेनकोट बाहर निकल आए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की मानें तो यह सिर्फ चंद घंटों की बूंदाबांदी नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली 'वेदर सिस्टम' का हमला है, जो अगले 3 से 5 दिनों तक चैन नहीं लेने देगा।

चक्रवाती चक्रव्यूह: क्यों बिगड़ा देश का हाल?

वर्तमान में आसमान में एक साथ कई मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं। राजस्थान से लेकर मध्य भारत तक एक ट्रफ लाइन खिंची हुई है, तो वहीं ओडिशा और असम के ऊपर चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है। उत्तर से आ रहे 'Western Disturbance' और 'जेट स्ट्रीम' ने आग में घी का काम किया है। इसी तालमेल का नतीजा है कि देश के 17 राज्यों में 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

राज्यवार स्थिति: कहां कितना खतरा?

  • दिल्ली-NCR: देश की राजधानी में अगले 48 घंटे काफी हलचल भरे रहेंगे। यहां 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। ओलावृष्टि की आशंका ने दिल्लीवासियों की चिंता बढ़ा दी है।

  • उत्तर प्रदेश: यूपी के 40 से अधिक जिलों में 'डबल अटैक' का खतरा है। 30 और 31 मार्च को यहां आंधी और बारिश का तांडव दिख सकता है। सबसे ज्यादा संकट अन्नदाताओं पर है, जिनकी गेहूं और सरसों की फसलें खेतों में कटने को तैयार खड़ी हैं।

  • बिहार व झारखंड: 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच बिहार में कुदरत का रौद्र रूप दिख सकता है। 70 किमी प्रति घंटे की हवाएं कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। वहीं, झारखंड में एक तरफ भीषण गर्मी (38°C) का अलर्ट है, तो दूसरी तरफ अचानक आने वाला तूफान जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकता है।

  • राजस्थान व मध्य भारत: मरूधरा में धूल भरी आंधियां विजिबिलिटी कम करेंगी, जिससे सड़क हादसों का जोखिम बढ़ेगा। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ-मराठवाड़ा क्षेत्र में भी ओले गिरने की चेतावनी है।

  • पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड व हिमाचल): पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का संगम देखने को मिलेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड दोबारा लौट आई है। भूस्खलन और फिसलन के डर से पर्यटकों को यात्रा टालने की सलाह दी गई है।

 


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Content Editor

Anu Malhotra

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