Heavy Rain Alert: 2-3-4-5 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना, IMD ने इन राज्यों में जारी किया हाई अलर्ट
punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 12:59 PM (IST)
नेशनल डेस्क: अप्रैल की शुरुआत के साथ ही देशभर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पिछले कुछ दिनों में तापमान तेजी से बढ़ रहा था, वहीं अब एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। इसके चलते 2 से 5 अप्रैल के दौरान तेज हवाएं, बारिश, गरज-चमक और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है।
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 2 से 5 अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम काफी सक्रिय रहेगा। 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा), गरज-चमक और बारिश की संभावना है। 5 अप्रैल के बाद मौसम शांत होने लगेगा और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
मध्य और पूर्वी भारत में बारिश और बिजली का असर
मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला रहेगा। यहां हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। खासकर 3 और 4 अप्रैल को गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। पूर्वी भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 अप्रैल को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ओडिशा और झारखंड में 4 और 5 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय और मणिपुर में इस दौरान लगातार हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत में गर्मी और बारिश का मिला-जुला असर
दक्षिण भारत में शुरुआत के दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में गर्मी बढ़ेगी। हालांकि, 3 और 4 अप्रैल को केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। 4 अप्रैल के बाद बादल और बारिश के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है।
किसानों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए, क्योंकि ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है। साथ ही, गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचने की सलाह दी गई है।
