सावधान! दुनियाभर में बढ़ता खतरनाक ट्रेंड... गांजा-तंबाकू से सिकुड़ सकता है आपका दिमाग, रिसर्च में खुलासा
punjabkesari.in Friday, Apr 10, 2026 - 09:48 AM (IST)
नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं के बीच गांजा (Weed) और तंबाकू का सेवन एक फैशन बनता जा रहा है। लेकिन जिसे समाज ने 'नॉर्मल' मान लिया गया है, वह असल में आपके दिमाग को अंदर से खोखला कर रहा है। हाल ही में 'Addiction' द्वारा पब्लिश की गई रिसर्च में एक चौंकाने वाली चेतावनी दी है कि स्मोकिंग की लत आपके दिमाग के साइज को छोटा कर सकती है।
दुनियाभर में बढ़ता खतरनाक ट्रेंड
आंकड़े बताते हैं कि इन नशीले पदार्थों का जाल कितनी तेजी से फैल रहा है:-
गांजा (Cannabis): 2022 के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के लगभग 23 करोड़ लोग इसका सेवन कर रहे हैं। यह वैश्विक आबादी का करीब 4.4% हिस्सा है।
तंबाकू (Tobacco): इसकी स्थिति और भी भयावह है। दुनिया की 30% आबादी तंबाकू की गिरफ्त में है। हर साल यह करीब 80 लाख मौतों का जिम्मेदार बनता है, जिससे सबसे ज्यादा गरीब वर्ग प्रभावित होता है।
दिमाग पर क्या होता है असर? रिसर्च के बड़े खुलासे
वैज्ञानिकों ने इस स्टडी में दिमाग की बनावट और नशीले पदार्थों के संबंध की जांच की। रिसर्च में कुछ गंभीर बातें सामने आईं:
दिमाग का सिकुड़ना: तंबाकू का सेवन करने वालों के दिमाग में 'ग्रे मैटर' (Grey Matter) की कमी पाई गई। इसका मतलब है कि दिमाग के कई हिस्सों का साइज छोटा हो जाता है।
याददाश्त और भावनाएं: रिसर्च के अनुसार, तंबाकू मस्तिष्क के उन हिस्सों को नुकसान पहुंचाता है जो हमारी याददाश्त और इमोशंस (भावनाओं) को कंट्रोल करते हैं।
गांजे का प्रभाव: कुछ मामलों में गांजे के सेवन से दिमाग के 'अमिगडाला' (Amygdala) हिस्से का साइज छोटा पाया गया, हालांकि इसके सबूत तंबाकू जितने स्पष्ट नहीं थे।
सूजन और डैमेज: तंबाकू शरीर में सूजन (Inflammation) को बढ़ाता है, जो दिमाग की कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है।
अगली पीढ़ी के लिए खतरे की घंटी
यह अपनी तरह की पहली ऐसी रिसर्च है जिसने सीधे तौर पर नशे को दिमागी आकार (Brain Size) से जोड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि गांजे और तंबाकू के मिले-जुले असर पर अभी और रिसर्च की जरूरत है, लेकिन उपलब्ध डेटा यह साफ बताता है कि यह 'धुआं' आपकी सोचने-समझने की शक्ति को स्थायी रूप से खत्म कर सकता है।
