डंकी रूट से अमेरिका जाते 18 साल के युवक की हत्या, मौत का सबूत देने के लिए भी मांगे पैसे
punjabkesari.in Saturday, Nov 01, 2025 - 08:26 PM (IST)
नेशनल डेस्क : हरियाणा के कैथल जिले के मोहना गांव के 18 वर्षीय युवराज की मौत अमेरिका जाने के खतरनाक ‘डंकी रूट’ पर हो गई। परिजनों ने शनिवार को बताया कि युवराज पिछले साल अक्टूबर में नौकरी की तलाश में निकला था, लेकिन ग्वाटेमाला में मानव तस्करों (डॉनकरों) ने उसे बंधक बना लिया और कथित रूप से मार डाला। युवराज के पिता किसान हैं, और वह परिवार की आर्थिक मदद के लिए विदेश जाना चाहता था।
परिवार को मिला मौत का प्रमाण पत्र और तस्वीरें
परिवार को युवराज की मौत की जानकारी कुछ दिन पहले मिली, जब एक डॉनकर ने उसकी मौत का सर्टिफिकेट और तस्वीरें भेजीं। तस्वीरों में युवराज और पंजाब के एक अन्य युवक को मृत दिखाया गया था। युवराज के मामा गुरपेज सिंह ने बताया कि डॉनकर वे तस्कर होते हैं जो गैरकानूनी रास्तों से लोगों को विदेश भेजते हैं। इस प्रक्रिया में कई यात्री शोषण, हिंसा और दुर्व्यवहार के शिकार हो जाते हैं।
तीन ट्रैवल एजेंटों ने ली भारी रकम
गुरपेज सिंह ने बताया कि हरियाणा के तीन ट्रैवल एजेंटों ने परिवार से सुरक्षित यात्रा का झांसा देकर भारी रकम ली थी। एजेंट अपने नेटवर्क के ज़रिए युवराज को विदेश भेजने की कोशिश कर रहे थे। पहली किस्त देने के बाद युवराज से परिवार का संपर्क टूट गया। कुछ महीनों बाद परिवार को वीडियो मिले, जिनमें युवराज और पंजाब का एक अन्य युवक ग्वाटेमाला में बंधक बनाए गए दिख रहे थे। इसके बाद डॉनकरों ने फिरौती की मांग की।
सबूत दिखाने के लिए भी मांगे तीन लाख रुपये
हाल ही में एक डॉनकर ने परिवार से संपर्क कर दावा किया कि युवराज की हत्या कर दी गई है और सबूत दिखाने के लिए तीन लाख रुपये मांगे। रकम भेजने के बाद उसने युवराज की मौत का सर्टिफिकेट और तस्वीरें भेजीं। गुरपेज सिंह ने बताया, “कुल मिलाकर परिवार ने ट्रैवल एजेंटों और डॉनकरों को 40 से 50 लाख रुपये तक दिए।”
पुलिस में की गई थी शिकायत
परिवार ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी थी, जिसके बाद दो स्थानीय एजेंटों को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, हाल ही में परिवार को युवराज की मौत की पुष्टि मिली। गुरपेज ने कहा कि हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों के कई युवा बेहतर भविष्य की तलाश में जोखिम भरे ‘डंकी रूट’ अपनाते हैं, जिनमें से कई रास्ते में अपनी जान गंवा देते हैं या पकड़े जाने पर वापस भेज दिए जाते हैं।
