पुणे में श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति का भव्य स्वागत, गोविंद देव गिरी महाराज ने DJ-मुक्त गणेशोत्सव का दिया संदेश

punjabkesari.in Tuesday, Sep 15, 2026 - 12:46 PM (IST)

पुणे : गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ पुणे शहर सोमवार को भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया। भारत के पहले सार्वजनिक गणपति के रूप में प्रतिष्ठित श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति का पारंपरिक माहौल में भव्य स्वागत किया गया। ढोल-ताशा, नगाड़ों, गुलाल और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के बीच निकली आगमन शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने DJ-मुक्त गणेशोत्सव का समर्थन करते हुए भारतीय संगीत परंपरा को अपनाने का संदेश दिया। 

श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल में दर्शन के लिए पहुंचे गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि गणेशोत्सव जैसे पर्वों में भारतीय वाद्ययंत्रों और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशी तौर-तरीकों की नकल करने के बजाय भारतीय संगीत वाद्यों के साथ उत्सव मनाना अधिक उचित है। DJ संगीत पर होने वाले उन्मादी नृत्य को उन्होंने भारतीय परंपरा के अनुरूप नहीं बताया। उन्होंने पुणे के ऐतिहासिक महत्व की भी चर्चा की। उनके अनुसार पुणे ऐसा शहर है जिसने पूरे देश को प्रेरणा दी है। उन्होंने इसे शौर्य, उद्यम और प्रभावशाली नेतृत्व की भूमि बताया। अपने वैचारिक जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने संत ज्ञानेश्वर महाराज और छत्रपति शिवाजी महाराज को दो प्रमुख प्रेरणाओं के रूप में याद किया और कहा कि उनकी जीवन यात्रा इन दोनों धाराओं के बीच आगे बढ़ी है। 

बप्पा के आगमन से पहले रंगारी भवन में उत्सव प्रमुख और ट्रस्टी पुनीत बालन तथा उनकी पत्नी जान्हवी धारीवाल-बालन ने पूजा और आरती की। इसके बाद आधव बंधुओं ने पारंपरिक नगाड़ा वादन किया। फूलों और केले के पत्तों से सजाए गए रथ पर बप्पा की प्रतिमा विराजमान की गई और शोभायात्रा शुरू हुई। यात्रा छत्रपति शिवाजी महाराज रोड, बुधवार चौक, अप्पा बळवंत चौक और बाजीराव रोड से होकर आगे बढ़ी। श्रीराम पाठक, नादब्रह्म, ज्ञान प्रबोधिनी, आवर्तन, वाद्यवृंद, समर्थ और शंखनाद समेत कई ढोल-ताशा पथकों ने प्रस्तुति दी। बुधवार चौक पर कसबा पुणे दहीहंडी एसोसिएशन के गोविंदाओं ने सात-स्तरीय मानव पिरामिड बनाकर बप्पा का स्वागत किया। सात रंगों की छटा, गुलाल और जयघोष ने माहौल को और जीवंत कर दिया। दोपहर करीब 12.30 बजे शोभायात्रा श्री गणेश सुवर्णधाम मंदिर पहुंची। यहां बप्पा को भव्य मखर में स्थापित किया गया। पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि के बीच प्राण प्रतिष्ठा की। उन्होंने कहा कि भारत के पहले सार्वजनिक गणपति की प्राण प्रतिष्ठा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है और उन्होंने सभी के सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन और आरती में हिस्सा लिया। बाद में गोविंद देव गिरी महाराज, NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले समेत कई गणमान्य लोगों ने भी बप्पा के दर्शन किए। गोविंद देव गिरी महाराज ने युवाओं से माता-पिता का सम्मान करने और ऐसा कोई काम न करने की अपील की जिससे उन्हें दुख या शर्मिंदगी हो। पुनीत बालन ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी बप्पा का आगमन उत्साह और श्रद्धा के साथ हुआ है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने की और बप्पा से महाराष्ट्र के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने, पर्याप्त बारिश होने तथा लोगों के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लाने की प्रार्थना की गई है। ट्रस्ट की ओर से अगले दस दिनों तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


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Ramanjot

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