प्राइवेट पार्ट कटा हुआ मिला, कमरे में ग्राइंडर मिला: वृंदावन आश्रम में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत

punjabkesari.in Tuesday, Sep 29, 2026 - 07:32 AM (IST)

 नई दिल्ली:  वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान दीपक लोधी (30) के रूप में हुई है, जिन्होंने दो साल पहले संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और उनका नया नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया था। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे वृंदावन स्थित 'गुरु कृपा कुंज आश्रम' की चौथी मंज़िल की छत से गिरने के कारण उनकी जान चली गई। हालांकि शुरुआती तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर चल रही है, लेकिन घटना से जुड़े कुछ अजीब पहलुओं ने इसे एक रहस्यमयी मोड़ दे दिया है। कमरे में एक ग्राइंडर मिला, उनके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे और CCTV फुटेज में वे चौथी मंज़िल की छत से कूदते हुए दिखे।

कैसे हुई मौैत?
पुलिस जांच के अनुसार, सुबह 10:25 बजे रसिक दुलारी शरण अपने कमरे से बाहर निकले। उनके कपड़ों पर साफ तौर पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे थे। कमरे के बाहर कुछ पल ठहरने के बाद वे तीसरी मंज़िल से होते हुए चौथी मंज़िल की छत पर पहुंचे। फुटेज में वे पहले छत पर बैठे, फिर लगभग 10 सेकंड तक ज़मीन पर लेटे रहे।  वे अचानक उठे और छत से नीचे कूद गए। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कमरे से ग्राइंडर बरामद, गुप्तांग पर मिले चोट के निशान
वृंदावन के सर्कल ऑफिसर संदीप कुमार सिंह ने कहा कि इसकी वजह का पता जांच के बाद ही चल पाएगा। इसके साथ ही, जांच में उनके Private Part पर चोट और कटने के निशान पाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर से अत्यधिक खून बहना ही उनकी मृत्यु का मुख्य कारण बना है। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि छत से कूदने से पहले उन्हें ये गंभीर चोटें कैसे और क्यों आईं। फिलहाल मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है। पुलिस को संदेह है कि घटना से ठीक पहले कुछ फोटो, वीडियो या व्हाट्सएप चैट डिलीट की गई हैं, जिन्हें रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल और कपड़ों से खून के नमूने एकत्र किए हैं तथा आश्रम के सीसीटीवी डीवीआर को सील कर दिया है।

 इस घटना के बाद वृंदावन के साधु-संतों में भारी असंतोष है। महंत मोहिनी शरण महाराज ने सवाल उठाया कि घटना के बाद संबंधित आश्रम की ओर से कोई आधिकारिक बयान क्यों नहीं जारी किया गया।  


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Content Editor

Anu Malhotra

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