सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: 8th Pay Commission इन 5 राज्यों में सबसे पहले होगा लागू
punjabkesari.in Wednesday, Jan 28, 2026 - 09:01 AM (IST)
नेशनल डेस्क: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाले समय में बड़ी आर्थिक राहत की उम्मीद जगी है। 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तैयारी अब केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई राज्यों ने इस दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की है, लेकिन यह माना जा रहा है कि नया ढांचा लागू होते ही वेतन और पेंशन में जबरदस्त उछाल आएगा।
इन 5 राज्यों में सबसे पहले लागू होने के आसार
आमतौर पर मजबूत आर्थिक स्थिति वाले राज्य केंद्र के फैसले का इंतजार किए बिना ही अपनी प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। इस रेस में ये पांच राज्य सबसे आगे दिख रहे हैं:
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असम: इस मामले में असम सबसे आगे है, जिसने 1 जनवरी 2026 से ही अपना नया राज्य वेतन आयोग बनाने का संकेत दे दिया है।
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उत्तर प्रदेश: कर्मचारियों की विशाल संख्या को देखते हुए यूपी सरकार अक्सर समय पर वेतन संशोधन का फैसला लेती है।
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महाराष्ट्र: आर्थिक मजबूती के कारण यहाँ के कर्मचारियों को हमेशा जल्द लाभ मिलने की उम्मीद रहती है।
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गुजरात और तमिलनाडु: इन दोनों राज्यों का प्रशासनिक ढांचा काफी एक्टिव है और यहां भी नए वेतन आयोग को लेकर आंतरिक तैयारी शुरू हो चुकी है।
क्या वेतन वाकई दोगुना हो जाएगा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जेब में आने वाले पैसों में कितनी बढ़ोतरी होगी। यह सब 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) पर टिका है:
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कर्मचारियों की मांग: यूनियन चाहती है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.86 से 3.25 के बीच रखा जाए।
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सैलरी का गणित: अगर सरकार 2.86 का फॉर्मूला मान लेती है, तो वर्तमान में जो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, वह सीधे बढ़कर 51,480 रुपये तक पहुंच सकती है।
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संभावित वृद्धि: पूरी तरह दोगुनी न भी हो, तो भी जानकारों का मानना है कि सैलरी में 30% से 35% तक की सीधी बढ़ोतरी लगभग तय है।
कब से मिलेगा लाभ और एरियर का क्या?
8वें वेतन आयोग की नई सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा रही हैं।
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देरी से लाभ नहीं डूबेगा: यदि सरकार इसकी घोषणा 2026 के अंत या 2027 में भी करती है, तब भी यह लागू 1 जनवरी 2026 से ही माना जाएगा।
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एरियर की सुविधा: इस बीच के महीनों का जो भी बढ़ा हुआ पैसा होगा, वह कर्मचारियों को एक साथ 'एरियर' के रूप में दिया जाएगा।
इसका सबसे बड़ा फायदा निचले स्तर के कर्मचारियों और बुजुर्ग पेंशनभोगियों को मिलेगा, क्योंकि उनका बेसिक स्ट्रक्चर काफी मजबूत हो जाएगा।
