8वें वेतन आयोग को लेकर बढ़ीं उम्मीदें, कर्मचारियों ने 1 जनवरी से लागू करने की उठाई मांग
punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 08:09 PM (IST)
नेशनल डेस्क : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी आगामी 8वें वेतन आयोग से वेतन और पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। माना जा रहा है कि आयोग अपना काम शुरू होने के बाद निर्धारित समयसीमा के भीतर सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप सकता है। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आयोग की सिफारिशें किस तारीख से लागू की जाएंगी, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने इसे 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग तेज कर दी है।
ट्रेड यूनियन ने रखा सुझाव
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने सुझाव दिया है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी किया जाना चाहिए। यूनियन का कहना है कि जब भी आयोग अपनी रिपोर्ट पेश करे, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उसी तारीख से बकाया राशि यानी एरियर दिया जाना चाहिए। यह मांग आयोग की ओर से जारी 18 सवालों वाली प्रश्नावली के जवाब में रखी गई है, जिसके जरिए कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न संगठनों से सुझाव मांगे गए हैं।
वेतन संशोधन जल्द लागू करने की मांग
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि वेतनमान, भत्तों, पेंशन और अन्य सुविधाओं में बदलाव काफी समय से लंबित है। यदि सरकार इन सिफारिशों को किसी बाद की तारीख से लागू करती है तो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़े पैमाने पर मिलने वाले एरियर का नुकसान हो सकता है। इसलिए संगठनों का मानना है कि वेतन आयोग की सिफारिशें पूर्व प्रभाव से लागू की जानी चाहिए।
पिछले वेतन आयोगों में क्या हुआ था
पिछले वेतन आयोगों के अनुभव बताते हैं कि रिपोर्ट सौंपने और उसे लागू करने के बीच अक्सर काफी समय लग जाता है। इसके बावजूद सरकार ने आमतौर पर कर्मचारियों को पिछली निर्धारित तारीख से एरियर का भुगतान किया है। उदाहरण के तौर पर छठे वेतन आयोग ने मार्च 2008 में अपनी रिपोर्ट दी थी, लेकिन कर्मचारियों को एरियर 1 जनवरी 2006 से मिला था।
7वें वेतन आयोग में भी मिला एरियर
इसी तरह सातवें वेतन आयोग ने नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसे केंद्र सरकार ने जून 2016 में मंजूरी दी। इसके बावजूद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन संशोधन का लाभ 1 जनवरी 2016 से दिया गया। हालांकि उस समय आयोग की घोषणा के साथ ही संभावित लागू होने की तारीख भी स्पष्ट कर दी गई थी, जबकि 8वें वेतन आयोग के मामले में अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
