Gold में या Bank FD में सबसे ज्यादा सुरक्षित कहां रहेगा आपका पैसा, निवेशक क्या करें?
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 02:36 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारतीय मीडिल क्लास के बीच निवेश के तरीकों में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां लोग केवल बैंक की सुरक्षित योजनाओं या डाकघर की स्कीमों पर भरोसा करते थे, वहीं अब सोना, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों को भी खूब पसंद किया जा रहा है।
सोना: संकट के समय का सबसे मजबूत साथी
सोने को दुनिया भर में सबसे भरोसेमंद संपत्ति माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि जब भी दुनिया में तनाव बढ़ता है या आर्थिक मंदी आती है, तो सोने के भाव तेजी से ऊपर जाते हैं। हालांकि, सोने से मिलने वाला मुनाफा कभी भी फिक्स नहीं होता, लेकिन लंबे समय के लिए निवेश करने पर यह महंगाई को पछाड़ने में सबसे असरदार साबित होता है। जब भी रुपये या डॉलर की कीमत गिरती है, सोने की चमक और बढ़ जाती है। हालांकि, मौजूदा समय की तरह इसमें कभी-कभी भारी उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।
बैंक एफडी: गारंटीड रिटर्न और सुरक्षा का अहसास
सुरक्षित और तय आमदनी चाहने वालों के लिए बैंक एफडी आज भी पहली पसंद है। इसमें आप एक हफ्ते से लेकर 10 साल तक के लिए पैसा जमा कर सकते हैं और आपको पहले से पता होता है कि मैच्योरिटी पर कितना पैसा मिलेगा। इसमें सोने की तरह बाजार का जोखिम नहीं होता। एक तय ब्याज दर मिलने के कारण यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो अपने मूल धन के साथ कोई रिस्क नहीं लेना चाहते और समय-समय पर निश्चित आय की उम्मीद रखते हैं।
बैंक में जमा राशि और सुरक्षा की सीमा
बैंक में निवेश करने से पहले एक महत्वपूर्ण बात जानना जरूरी है। भारत सरकार के नियमों के अनुसार, बैंक में जमा आपकी केवल 5 लाख रुपये तक की राशि ही बीमा के तहत सुरक्षित होती है। यदि कोई बैंक आर्थिक रूप से पूरी तरह फेल हो जाता है या डूब जाता है, तो कानूनन आपको अधिकतम 5 लाख रुपये ही वापस मिलेंगे। भले ही आपने उस बैंक में 50 लाख रुपये क्यों न जमा किए हों, बीमा सुरक्षा का लाभ केवल शुरुआती 5 लाख रुपये तक ही सीमित रहता है।
महंगाई से मुकाबला और निवेश की तरलता
सोने में निवेश का एक बड़ा फायदा 'लिक्विडिटी' है, यानी आप इसे जरूरत पड़ने पर तुरंत नकद में बदल सकते हैं। साथ ही, सोना महंगाई बढ़ने पर आपकी क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) को बनाए रखता है। दूसरी ओर, बैंक एफडी महंगाई बढ़ने पर कभी-कभी वास्तविक रूप से कम मुनाफा देती है, क्योंकि इसकी ब्याज दरें स्थिर रहती हैं। हालांकि, सरकारी बैंकों में पैसा रखना दिवालिया होने के जोखिम से काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है।
