Gold Price History: जानिए कैसे 1970 के बाद सोना बना ‘सुपर इन्वेस्टमेंट’, 10 साल में 20 गुना बढ़ गया था सोना

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 05:04 PM (IST)

नेशनल डेस्क: आज सोने की ऊंची कीमतें लोगों को चौंकाती जरूर हैं, लेकिन अगर इतिहास पर नजर डालें तो यह उछाल अचानक नहीं है। साल 1970 में सोने की कीमत करीब 35-37 डॉलर प्रति औंस के आसपास थी। उस दौर में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यही सोना आने वाले दशकों में 10 से 20 गुना तक रिटर्न देने वाला साबित होगा।

समय के साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था बदली, महंगाई बढ़ी, करेंसी की वैल्यू घटी और वैश्विक संकट आए। इन सभी हालात में सोना एक सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश के तौर पर उभरता गया। जब-जब शेयर बाजारों में अस्थिरता आई या युद्ध और मंदी जैसे हालात बने, निवेशकों ने सोने की ओर रुख किया।

1970 के बाद अमेरिका ने गोल्ड स्टैंडर्ड को छोड़ा, जिससे सोने की कीमतें बाजार के हिसाब से तय होने लगीं। इसके बाद महंगाई, डॉलर की कमजोरी और सेंट्रल बैंकों की नीतियों ने सोने को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। नतीजा यह हुआ कि दशकों में सोना धीरे-धीरे 35 डॉलर से बढ़कर सैकड़ों और फिर हजारों डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया। बता दें कि सोना केवल 10 साल में 1980 में 633 डॉलर प्रति औंस के आसपास पर पहुंच गई थी।

भारतीय रुपए में बात करें तो 1970 में भारत में 10 ग्राम सोने की औसत कीमत लगभग ₹184 थी वहीं 1980 में भारत में सोने (24 कैरेट) की औसत कीमत लगभग ₹1,330 से ₹1,333 प्रति 10 ग्राम थी। 

निवेश विशेषज्ञ मानते हैं कि सोना सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन का मजबूत जरिया बन चुका है। यही वजह है कि आज भी जब बाजार में अनिश्चितता होती है, तो सोने की चमक और तेज हो जाती है। कुल मिलाकर, 1970 से अब तक का सफर बताता है कि सोना सिर्फ धातु नहीं, बल्कि समय के साथ खुद को साबित करने वाला एक भरोसेमंद निवेश रहा है।
 


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Content Editor

Anu Malhotra

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