Gold & Silver: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच गोल्ड-सिल्वर ETF में 10% तक जोरदार उछाल

punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 03:01 PM (IST)

नेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों का रुख एक बार फिर सोना और चांदी की ओर बढ़ रहा है। इसी वजह से इन कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा फायदा गोल्ड और सिल्वर ETF को मिला है। हाल के दिनों में कई ETF की वैल्यू में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है। हालांकि, सवाल यह है कि मौजूदा तेजी के बीच इनमें निवेश करना सही रहेगा या थोड़ा इंतजार करना बेहतर विकल्प हो सकता है। 

सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव

वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के कारण शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। ऐसे माहौल में निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सोना और चांदी जैसे एसेट्स में निवेश बढ़ा देते हैं। मांग बढ़ने के साथ-साथ इन धातुओं की कीमतों में भी तेजी देखने को मिलती है।

ETF में तेजी का असर

सोना और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी का लाभ सीधे उन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) को मिलता है जो इन धातुओं की कीमतों को ट्रैक करते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड और सिल्वर महंगे होते हैं, तो इनसे जुड़े ETF की नेट एसेट वैल्यू (NAV) भी बढ़ जाती है। हाल के दिनों में कई गोल्ड और सिल्वर ETF में 5 से 8 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की रुचि इन फंड्स में बढ़ी है।

सिल्वर ETF में ज्यादा उछाल

हालिया आंकड़ों के मुताबिक सिल्वर ETF ने गोल्ड ETF की तुलना में ज्यादा तेजी दिखाई है।

- UTI Silver ETF की NAV लगभग 10.87 प्रतिशत बढ़ी है।

- Tata Silver ETF में करीब 10.80 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है।

DSP Silver ETF में भी लगभग 8.81 प्रतिशत की तेजी देखी गई है।

गोल्ड ETF में स्थिर बढ़त

गोल्ड ETF में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला है, हालांकि इसकी बढ़त सिल्वर ETF से थोड़ी कम रही।

- Quantum Gold Fund ETF करीब 5.31 प्रतिशत ऊपर गया।

- HDFC Gold ETF और Kotak Gold ETF में भी लगभग 5.29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

निवेश से पहले सावधानी जरूरी

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में गोल्ड और सिल्वर ETF में दिलचस्पी बढ़ी है, लेकिन निवेश से पहले बाजार की दिशा और जोखिम को समझना जरूरी है। कीमतों में हालिया तेजी के बाद कुछ निवेशक इंतजार करने की रणनीति भी अपना सकते हैं।


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Content Editor

Sahil Kumar

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