सोना-चांदी धड़ाम! ऑल-टाइम हाई से इतने गिर चुके हैं Gold के दाम, चांदी की कीमतों में भी 'महा-गिरावट'
punjabkesari.in Sunday, Apr 12, 2026 - 06:29 PM (IST)
Gold-Silver Price: आमतौर पर वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और युद्ध की स्थिति में निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पैसा लगाते हैं, जिससे कीमतों में भारी उछाल आता है। लेकिन वर्तमान अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान भारतीय सर्राफा बाजार में इसके उलट तस्वीर देखने को मिल रही है। युद्ध की आहट और बढ़ते तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।
ऑल-टाइम हाई से औंधे मुंह गिरे दाम
बाजार विशेषज्ञों के लिए यह स्थिति चौंकाने वाली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
सोना: MCX पर 2.02 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई से सोना करीब 50,000 रुपए सस्ता हो चुका है।
चांदी: चांदी ने 4.39 लाख रुपए प्रति किलो का शिखर छुआ था, जहां से यह अब तक 1.96 लाख रुपए तक टूट चुकी है।
युद्ध के 40 दिनों का लेखा-जोखा
यदि 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत से लेकर 10 अप्रैल तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो गिरावट का रुख साफ नजर आता है:
| धातु | 28 फरवरी (कीमत) | 10 अप्रैल (कीमत) | कुल गिरावट |
| सोना (प्रति 10 ग्राम) | 1,64,730 रुपए | 1,50,305 रुपए | ~14,425 रुपए |
| चांदी (प्रति किलो) | 2,55,000 रुपए | 2,39,934 रुपए | ~15,066 रुपए |
शांति वार्ता विफल, अनिश्चितता बरकरार
बीते सप्ताह जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) की खबरें आईं, तो कीमतों में मामूली सुधार देखा गया था। हालांकि, शर्तों पर सहमति न बनने के कारण शांति वार्ता विफल हो गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर तकरार अभी भी जारी है, जिससे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
आगे क्या होगी बाजार की चाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध और आक्रामक रूप लेता है, तो लिक्विडिटी की कमी या मार्जिन कॉल की वजह से सोने-चांदी की कीमतों में और भी गिरावट देखी जा सकती है। फिलहाल बाजार "वेट एंड वॉच" की स्थिति में है। सप्लाई चेन में बड़े व्यवधान की आशंका के बीच निवेशकों का रुझान अन्य संपत्तियों की ओर मुड़ने से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
