सोने ने तोड़ डाले अब तक के सारे रिकॉर्ड, अचानक लगाई तेज छलांग, अब कितने हो गए दाम?
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 10:00 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः स्टॉकिस्टों की लिवाली जारी रहने और रुपये के विनिमय दर में गिरावट के कारण शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 2,100 रुपये उछलकर 1,03,670 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी। बृहस्पतिवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,01,570 रुपये प्रति 10 ग्राम रही थी। लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रखते हुए 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत शुक्रवार को 2,100 रुपये उछलकर 1,03,100 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।
एक दिन पहले यह 1,01,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। इससे पहले, 99.9 और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोना आठ अगस्त को क्रमशः 1,03,420 रुपये और 1,03,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर थे। उस समय सोने की कीमतों में 800 रुपये प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई थी। इससे पहले सात अगस्त को सोने की कीमत में 3,600 रुपये प्रति 10 ग्राम की भारी वृद्धि दर्ज की गई थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘कमजोर रुपये और विदेशी बाजारों में सकारात्मक रुख के चलते घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई और यह नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।''
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इससे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर 50 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क के प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।'' रुपया शुक्रवार को 61 पैसे की भारी गिरावट के साथ पहली बार 88 के स्तर को पार कर 88.19 (अस्थायी) प्रति डॉलर के अपने अबतक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। सप्ताह के दौरान, कीमती धातु की कीमतों में 3,300 रुपये यानी 3.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बीच, चांदी की कीमत अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से 1,000 रुपये टूटकर 1,19,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। बृहस्पतिवार को चांदी की कीमत 1,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम रही थी।
ब्रोकरेज कंपनी ट्रेडजिनी के मुख्य परिचालन अधिकारी त्रिवेश डी ने कहा, ‘‘चांदी की औद्योगिक मांग इसे और भी बेहतर बनाती है, लेकिन अनिश्चितता के खिलाफ सोना अभी भी एक अच्छा बचाव है। पिछले पांच वर्षों में, दोनों धातुओं ने हर साल नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जो अस्थिर बाजारों में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है।'' विदेशी बाजारों में, न्यूयॉर्क में हाजिर सोना 3,407.39 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा। हाजिर चांदी 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38.84 डॉलर प्रति औंस पर रही।
गोल्ड में उछाल की बड़े कारण
पहला-रुपया रिकॉर्ड लो पर है. डॉलर के मुकाबले ₹88.15 तक कमजोर हुआ, जिससे गोल्ड की कीमतें बढ़ीं।
दूसरा-रूस-यूक्रेन टेंशन है. नई अटैक के बाद सीजफायर पर अनिश्चितता बनी हुई।
तीसरा टैरिफ वॉर है. ट्रंप की चेतावनी का असर नज़र नहीं आ रहा, जिससे ग्लोबल अनिश्चितता बढ़ी।
चौथा कारण है चीन की आक्रामक खरीदारी – चीन लगातार गोल्ड रिज़र्व बढ़ा रहा है.
पांचवां US इन्फ्लेशन और रेट कट उम्मीदें – सितंबर में रेट कट की उम्मीद से गोल्ड को सपोर्ट.