मटन पार्टी के बाद 'रेबीज' का खौफ: जिस बकरे को खाया, उसे पागल कुत्ते ने काटा था, गाजियाबाद के परिवार में मचा हड़कंप
punjabkesari.in Friday, Apr 10, 2026 - 01:07 PM (IST)
गाजियाबाद : क्या आपने कभी सुना है कि मीट खाने से भी रेबीज का डर सताने लगे? उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां इंदिरापुरम के कनावनी गांव में रहने वाले एक परिवार की रातों की नींद सिर्फ एक फोन कॉल ने उड़ा दी।
क्या है पूरा मामला?
एक सिक्योरिटी गार्ड अपने परिवार के साथ मध्य प्रदेश स्थित अपने गांव गया था। वहां पूरे परिवार ने बड़े चाव से बकरे का मीट (मटन) बनाकर खाया। बुधवार को जब परिवार वापस गाजियाबाद लौटा, तो उनके पास गांव से एक फोन आया। फोन पर बताया गया कि जिस बकरे को उन्होंने काटकर खाया था, उसे कुछ समय पहले एक कुत्ते ने काट लिया था और अब वह कुत्ता मर चुका है।
यह खबर सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें डर सताने लगा कि कहीं बकरे के जरिए रेबीज के वायरस उनके शरीर में भी न पहुंच गए हों। डर और चिंता के मारे पूरा परिवार रात भर सो नहीं सका।
अस्पताल में हंगामा और डॉक्टरी सलाह
गुरुवार सुबह होते ही परिवार के 7 सदस्य (जिनमें 3 बच्चे शामिल हैं) गाजियाबाद के जिला MMG अस्पताल पहुंच गए। वहां उन्होंने डॉक्टरों से एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) लगाने की जिद की।
डॉक्टरों का तर्क: एंटी-रेबीज नोडल अधिकारी डॉ. नितिन प्रियदर्शी ने परिवार को काफी समझाया। उन्होंने बताया कि पका हुआ मांस खाने से रेबीज फैलने की संभावना न के बराबर होती है, क्योंकि उच्च तापमान पर वायरस जीवित नहीं रहता। लगभग एक घंटे की काउंसलिंग के बाद भी जब परिवार का डर कम नहीं हुआ, तो एहतियात के तौर पर सभी 7 लोगों को वैक्सीन लगा दी गई। परिवार के दो सदस्यों ने पेट दर्द की शिकायत भी की है, जिसकी जांच शुक्रवार को की जाएगी।
सस्ते मीट का लालच पड़ा भारी!
इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि बकरा बेचने वाले ने मीट के दाम काफी कम लगाए थे। अब परिवार को शक है कि दुकानदार को शायद बकरे की बीमारी या कुत्ते के काटने की जानकारी पहले से थी, इसलिए उसने इसे सस्ते में बेच दिया।
