Gold/Silver Price Future: सोना ₹1.53 लाख के पार, चांदी में ₹9000 का महा-उछाल... कहां तक जाएगा सोना और चांदी?

punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 02:36 PM (IST)

नेशनल डेस्क: सर्राफा बाजार में इन दिनों सांसे थाम देने वाला उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार की रात जिस सोने और चांदी ने निवेशकों के चेहरे पर मायूसी ला दी थी, बुधवार की सुबह होते ही उन्होंने ऐसी लंबी छलांग लगाई कि बाजार विशेषज्ञ भी दंग रह गए। अंतरराष्ट्रीय तनाव और घरेलू बाजार में 'लोअर लेवल' पर हुई ताबड़तोड़ खरीदारी ने कीमती धातुओं की चमक को एक बार फिर चरम पर पहुंचा दिया है।

मंगलवार की 'ब्लैक नाइट' के बाद शानदार रिकवरी
बीती रात एमसीएक्स (MCX) पर चांदी में करीब 5.5% और सोने में 2.45% की भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया था। लेकिन बुधवार को पासा पलट गया। सोना 1.30% यानी लगभग ₹1900 की बढ़त के साथ ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर निकल गया है। वहीं, चांदी ने तो रिकॉर्ड तोड़ वापसी करते हुए 4% यानी करीब ₹9000 की तेजी दिखाई और अब यह ₹2.38 लाख प्रति किलो के ऊपर कारोबार कर रही है। इस तेजी का असर गोल्ड और सिल्वर ETF पर भी दिखा, जिनमें 3% तक का उछाल आया है।

क्यों अचानक भड़क उठी कीमतें?
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस तेजी के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला, मंगलवार की बड़ी गिरावट के बाद कीमती धातुएं अपने 'सपोर्ट लेवल' पर आ गई थीं, जिससे निवेशकों को खरीदारी का सुनहरा मौका मिला और निचले स्तरों से डिमांड बढ़ गई। दूसरा और सबसे प्रमुख कारण है वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Geo-political Tension)। ईरान द्वारा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के कुछ हिस्से को अस्थायी रूप से बंद करने और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को हवा दे दी है।

भविष्य की राह: कहां तक जाएगा सोना और चांदी?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में आई यह गिरावट महज एक 'कंसोलिडेशन फेज' है, न कि मंदी की शुरुआत। एनरिच मनी के विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सोना ₹1.45 लाख से ₹1.50 लाख के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है, तब तक इसमें ₹1.75 लाख तक जाने की संभावना बनी हुई है।

वहीं चांदी को लेकर अनुमान है कि यदि यह ₹2.25 लाख के बेस को बचाए रखती है, तो आने वाले समय में हमें ₹3.25 लाख प्रति किलो तक के भाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हर गिरावट अब पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए खरीदारी का एक बड़ा मौका साबित हो रही है, बशर्ते कीमतें अपने प्रमुख मूविंग एवरेज को पार कर लें। 


 


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Content Editor

Anu Malhotra

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