भारत की GDP ग्रोथ ने पकड़ी रफ्तार, दूसरी तिमाही में 8.2% बढ़ी, PM मोदी बोले- ये रिफॉर्म्स का नतीजा

punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 06:26 PM (IST)

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया अकाउंट 'X' पर जानकारी देते हुए कहा कि 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की GDP ग्रोथ देश के लिए एक उत्साहजनक संकेत है। यह केवल आर्थिक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन नीतियों और सुधारों का ठोस परिणाम है, जो विकास को तेज़ करने के उद्देश्य से लागू किए गए थे। इस वृद्धि में आम नागरिकों की निरंतर मेहनत और जज़्बे की भी अहम भूमिका रही है, जिसने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।

सरकार का कहना है कि सुधारों की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, ताकि विकास की गति बनी रहे और देश के हर नागरिक के लिए ‘Ease of Living’ को और बेहतर किया जा सके। उम्मीद है कि इन प्रयासों से आर्थिक स्थिरता के साथ-साथ रोज़गार, निवेश और समग्र विकास को भी नया आयाम मिलेगा।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही में स्थिर मूल्य पर आधारित जीडीपी 48.63 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो पिछले साल की समान तिमाही के 44.94 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 8.2 प्रतिशत अधिक है। यह जनवरी-मार्च 2024 तिमाही के बाद सबसे तेज बढ़ोतरी है। इससे पहले, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही -अप्रैल-जून 2025 के दौरान जीडीपी 7.8 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। आलोच्य तिमाही में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत और विनिर्माण क्षेत्र की 9.1 प्रतिशत दर्ज की गयी।

वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवा क्षेत्र में 10.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान जीडीपी वृद्धि दर आठ प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गयी। पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 6.1 प्रतिशत और दूसरी छमाही में 6.9 प्रतिशत रही थी।

The 8.2% GDP growth in Q2 of 2025-26 is very encouraging. It reflects the impact of our pro-growth policies and reforms. It also reflects the hard work and enterprise of our people. Our government will continue to advance reforms and strengthen Ease of Living for every citizen.

— Narendra Modi (@narendramodi) November 28, 2025

विशेषज्ञों ने बताया कि पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की विकास दर देश की अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित मजबूती को दिखाती है। उन्होंने कहा कि मांग की स्थिति मजबूत बनी हुई है। जीडीपी में तेज वृद्धि को पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारक द्वितीयक क्षेत्र का प्रदर्शन है जिसमें विनिर्माण भी शामिल है। इस क्षेत्र में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गयी जो पहली तिमाही में 7.0 प्रतिशत रही थी। इसमें विनिर्माण की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत से बढ़कर 9.1 प्रतिशत; बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य यूटिलिटी सेवाओं की 0.5 से बढ़कर 4.4 प्रतिशत; और निर्माण की 7.6 से घटकर 7.2 प्रतिशत रह गयी।

प्राथमिक क्षेत्र की वृद्धि दर पहली तिमाही के 2.8 फीसदी की तुलना में दूसरी तिमाही में 3.1 प्रतिशत दर्ज की गयी। इसमें कृषि, पशुधन, वानिकी और मत्स्यपालन में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि पहली तिमाही में यह 3.7 प्रतिशत बढ़ा था। दूसरी तिमाही में सेवा क्षेत्र में वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा और यह 10.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा। पहली तिमाही में यह 9.5 प्रतिशत बढ़ा था। व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं प्रसारण सेवाओं की वृद्धि दर 8.6 फीसदी से घटकर 7.4 प्रतिशत रह गयी।

लोक प्रशासन, रक्षा एवं अन्य सेवाओं की वृद्धि दर भी 9.8 फीसदी से गिरकर 9.7 फीसदी हो गयी। सेवा क्षेत्र की कुल वृद्धि दर 9.3 फीसदी से घटकर 9.2 फीसदी रह गयी। जीडीपी के तहत व्यय के कारकों में आयात सबसे अधिक 12.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा। निजी अंतिम उपभोग व्यय में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि सरकारी अंतिम उपभोग व्यय में 2.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। सकल स्थिर पूंजी निर्माण में 7.3 प्रतिशत वृद्धि हुई। निर्यात भी 5.6 प्रतिशत बढ़ा। पहली छमाही के दौरान सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 9.3 प्रतिशत और विनिर्माण की 8.4 प्रतिशत रही। कृषि क्षेत्र में 3.6 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि खनन में 1.8 प्रतिशत की गिरावट रही। 


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News Editor

Parveen Kumar

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