रूस जाएंगे विदेश मंत्री एस. जयशंकर , IRIGC-TEC की 27वीं बैठक की करेंगे सह-अध्यक्षता

punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 03:03 PM (IST)

नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 23-24 अगस्त 2026 को रूस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। रूस के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान जयशंकर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग फॉर ट्रेड, इकोनॉमिक, साइंटिफिक, टेक्नोलॉजिकल एंड कल्चरल कोऑपरेशन के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। यात्रा के दौरान जयशंकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों के साथ-साथ भारत-रूस संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।

क्यों अहम है जयशंकर का रूस दौरा?

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और रूस अपने पारंपरिक रणनीतिक रिश्तों को नए आर्थिक आधार देने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। भारत और रूस के बीच वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 68.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। हालांकि, इसमें भारत का निर्यात केवल करीब 4.9 अरब डॉलर रहा, जबकि रूस से भारत का आयात करीब 63.8 अरब डॉलर था। यानी कारोबार बढ़ने के बावजूद व्यापार संतुलन रूस के पक्ष में काफी झुका हुआ है। यही वजह है कि IRIGC-TEC की बैठक में सिर्फ व्यापार बढ़ाने की बात नहीं, बल्कि भारत से रूस को निर्यात बढ़ाने और व्यापार को अधिक संतुलित बनाने पर भी ध्यान रहने की संभावना है।

IRIGC-TEC की बैठक में फोकस?

IRIGC-TEC भारत-रूस आर्थिक सहयोग का प्रमुख संस्थागत तंत्र है। इसके तहत व्यापार, निवेश, उद्योग, विज्ञान एवं तकनीक, संस्कृति और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों की समीक्षा होती है। पिछले साल अगस्त में हुई 26वीं बैठक में दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए थे। इनमें टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करना, लॉजिस्टिक्स की अड़चनों को कम करना, कनेक्टिविटी बढ़ाना, भुगतान व्यवस्था को सुचारू बनाना और 2030 तक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को आगे बढ़ाना शामिल था। साथ ही भारत-यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर भी आगे बढ़ने पर जोर दिया गया था।


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News Editor

Rahul Rana

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