Cyber Fraud Call: बुजुर्ग दंपत्ति को 15 करोड़ की साइबर ठगी, सिर्फ एक फोन कॉल में हुआ बड़ा नुकसान
punjabkesari.in Sunday, Jan 11, 2026 - 05:58 PM (IST)
नेशनल डेस्क: देश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और ज्यादातर इसका शिकार बुजुर्ग, कम पढ़े-लिखे लोग और महिलाएं हो रही हैं। ऐसे ठग सिर्फ एक फोन कॉल के जरिए लोगों की करोड़ों की बचत हड़प लेते हैं। दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जिसमें 17 दिन में 15 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी हुई।
अमेरिका से लौटे थे दंपत्ति
डॉ ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ इंदिरा तनेजा लंबे समय तक अमेरिका में नौकरी कर रहे थे। 2016 में उन्होंने भारत लौटकर दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में अपना घर खरीदा और सुकून से जीवन बिताने लगे। लेकिन 24 दिसंबर 2025 को उनकी जिंदगी एक फोन कॉल के बाद पूरी तरह बदल गई। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और दावा किया कि दंपत्ति के आधार कार्ड से जुड़े बैंक अकाउंट का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी में हुआ है। इसके कुछ ही मिनटों बाद उन्हें वीडियो कॉल किया गया। कॉल में दिल्ली पुलिस के अफसर और कुछ लोग नजर आ रहे थे। ठगों ने डराने के लिए कहा कि घर से बाहर निकलना या किसी से बात करना अपराध होगा।
फर्जी जज का डर
कुछ देर बाद दंपत्ति के पास दूसरी वीडियो कॉल आई, जिसमें एक नकली कोर्ट सेटअप दिखाया गया और फर्जी जज ने धमकाया कि अगर जांच में सहयोग नहीं किया गया तो परिणाम गंभीर होंगे। जब डॉक्टर तनेजा ने SHO से बात करने की कोशिश की, तो ठगों ने दावा किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट के अधीन है और लोकल पुलिस इसमें कुछ नहीं कर सकती।
17 दिन में 15 करोड़ का नुकसान
24 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 तक साइबर ठगों ने दंपत्ति को डिजिटल रूप से नियंत्रित किया। उन्होंने जांच शुल्क, जमानत और अन्य बहानों से लगातार पैसे ट्रांसफर करवाए। 17 दिनों के भीतर ठगों ने लगभग 14.85 करोड़ रुपये हड़प लिए। जब दंपत्ति को पूरा खेल समझ आया, तब बहुत देर हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगों की पहचान करने के लिए सबूत जुटा रही है।
साइबर ठगी से बचाव के टिप्स
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज पर तुरंत विश्वास करना जोखिम भरा है। बैंक अकाउंट या पर्सनल जानकारी कभी भी फोन पर साझा न करें। यदि कोई पुलिस या कोर्ट का अधिकारी कॉल करे, तो आधिकारिक चैनल से सत्यापित करें। यह मामला हमें यह याद दिलाता है कि डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना कितना जरूरी है। सिर्फ कुछ ही मिनटों में करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है, इसलिए ऑनलाइन और फोन कॉल सुरक्षा के नियमों का पालन करना अब बेहद जरूरी हो गया है।
