ED का खुलासा: ट्रांस-अरुणाचल हाईवे मुआवजे में बड़ा खेल, 38.18 करोड़ की जगह 66.25 करोड़ बांटे गए
punjabkesari.in Monday, Feb 09, 2026 - 11:22 PM (IST)
नेशनल डेस्क: अरुणाचल प्रदेश में ट्रांस-अरुणाचल हाईवे से जुड़े जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले ने बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक भूचाल ला दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों के तहत 6 फरवरी 2026 को राज्य के कई संवेदनशील इलाकों में एकसाथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में करीब 2.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जबकि कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
ED की यह कार्रवाई PMLA, 2002 के तहत की गई, जिसमें ईटानगर और उसके आसपास के चार स्थानों के अलावा असम के लिखाबाली और वेस्ट सियांग जिले के आलो इलाके में भी तलाशी ली गई। ये सभी क्षेत्र दुर्गम, पहाड़ी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित बताए जा रहे हैं।
किन-किन पर गिरी ED की गाज?
जांच के दौरान पूर्व डिप्टी कमिश्नर (जीरो) केमो लोल्लेन, पूर्व DLRSO भारत लिंगू, PWD के जूनियर इंजीनियर टोको ताजे, निजी लाभार्थी लिखाबा सोनी सहित कई अधिकारियों और उनके परिजनों के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
क्या-क्या हुआ बरामद?
ED को तलाशी के दौरान बड़े पैमाने पर नकदी और वित्तीय गड़बड़ियों के सबूत मिले। एक फर्जी लाभार्थी के परिसर से 2.2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। कुछ अन्य ठिकानों से नकद मिलाकर कुल बरामदगी का आंकड़ा 2.6 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
भारत लिंगू और तदार बाबिन के खातों में जमा 1.77 करोड़ रुपये फ्रीज किये गये हैं। पहले से फ्रीज बैंक खाते, FD और RD की कुल राशि 3.95 करोड़ रुपये और इसके अलावा, मुआवजा राशि से अवैध संपत्तियां खरीदने से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
घोटाले की जड़ क्या है?
ट्रांस-अरुणाचल हाईवे प्रोजेक्ट (याचुली, जीरो और रागा सेक्टर) के लिए जमीन अधिग्रहण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। शुरुआती मुआवजा अनुमान 289.40 करोड़ रुपये,बाद में संशोधित कर 198.56 करोड़ रुपये किया गया।
लेकिन वितरण के दौरान फर्जी लाभार्थियों और गैर-मौजूद संरचनाओं के नाम पर करीब 44 करोड़ रुपये का नुकसान सरकारी खजाने को हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि मुआवजा राशि से करीब 175 करोड़ रुपये की FD कराई गई और उसके ब्याज का दुरुपयोग किया गया। कुछ रकम सीधे अधिकारियों के निजी खातों में ट्रांसफर होने के सबूत भी मिले हैं।
जांच अभी जारी
ED ने इस मामले में PWD के जूनियर इंजीनियर कबाक भट्ट के खिलाफ PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी और ACB की जांच में सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर अब अन्य सरकारी अधिकारियों और निजी लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
