RBI MPC में बड़ा फैसला: फ्रॉड ट्रांजैक्शन पर 25,000 रुपये तक मुआवजा का ऐलान
punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 11:30 AM (IST)
नेशनल डेस्क: Digital Payment के इस दौर में जहां एक क्लिक पर पैसे गायब हो जाते हैं, वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम आदमी की जेब को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है। फरवरी 2026 की ताजा बैठक में गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक ऐसी योजना का ऐलान किया है जो करोड़ों भारतीयों को सुकून देगी। अब अगर आपके साथ कोई धोखाधड़ी वाला ट्रांजैक्शन होता है, तो नए नियम के तहत ग्राहकों को 25,000 रुपये तक के हर्जाने का प्रावधान किया जा रहा है। यह फैसला खास तौर पर उन लोगों के लिए संजीवनी जैसा है जो अक्सर साइबर जालसाजों का शिकार बन जाते हैं।
सुरक्षा का नया घेरा: UPI और Card Payment पर नजर
RBI का यह नया सिस्टम 2017 के पुराने नियमों को और भी धारदार बनाएगा। अब अगर कोई अनहोनी होती है और ग्राहक तुरंत इसकी सूचना देता है, तो बैंक या पेमेंट कंपनी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ पाएगी। यह राहत सिर्फ बैंक ट्रांसफर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें UPI और कार्ड से होने वाले सभी लेन-देन शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही, रिजर्व बैंक जल्द ही एक चर्चा पत्र भी लाने वाला है, जिसमें बुजुर्गों के लिए पेमेंट को और सुरक्षित बनाने पर विचार होगा। मुमकिन है कि आने वाले समय में वरिष्ठ नागरिकों के लिए फेस आईडी या अंगूठे के निशान जैसे अतिरिक्त सुरक्षा घेरे अनिवार्य कर दिए जाएं।
ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, मजबूत है देश की तिजोरी
जहां तक आपकी EMI का सवाल है, तो इस बार भी रिजर्व बैंक ने Repo Rate को 5.25% पर ही थामे रखा है। इसका मतलब है कि फिलहाल आपके लोन की किस्तों में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। गवर्नर ने भरोसा दिलाया है कि देश की आर्थिक सेहत बिल्कुल तंदुरुस्त है। बैंकों के पास पैसों की कोई कमी नहीं है और हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 बिलियन डॉलर के साथ ऐतिहासिक ऊंचाई पर है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार को देखते हुए विकास दर का अनुमान भी 7.4% लगाया गया है, जो बताता है कि भारत की गाड़ी सही पटरी पर दौड़ रही है।
क्या है RBI का संदेश?
पूरी बैठक का सार यही है कि रिजर्व बैंक अब तकनीक के साथ-साथ भरोसे पर भी काम कर रहा है। गवर्नर का मानना है कि जब तक आम आदमी डिजिटल लेन-देन में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा, तब तक Digital India का सपना पूरा नहीं होगा। इसीलिए, अब फोकस सिर्फ सुविधाओं पर नहीं, बल्कि सुरक्षा और धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत मदद पर है। आरबीआई जल्द ही इस पर जनता की राय भी मांगेगा ताकि नियमों को और भी बेहतर बनाया जा सके।
