Noida : ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ बड़ा ''खेल'', डिलिवरी के दौरान ही गायब हो जाता था कीमती सामान; 5 शातिर गिरफ्तार
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 09:33 PM (IST)
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के नोएडा में ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम पर चल रहे एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो ग्राहकों तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में महंगे सामान को नकली वस्तुओं से बदल देते थे। सेक्टर-20 थाना पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करीब 75 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया गया है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पकड़े गए आरोपियों में से चार डिलिवरी बॉय के रूप में काम करते थे। ये शातिर अपराधी स्टोर से असली सामान तो उठाते थे, लेकिन रास्ते में पैकेट खोलकर महंगा सामान निकाल लेते थे। ग्राहकों के पैकेट में या तो नकली सामान डाल दिया जाता था या फिर खाली पैकेट ही थमा दिया जाता था। खास बात यह है कि गिरोह ने कंपनियों जैसे ही पैकेट और रैपर तैयार करने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया था ताकि किसी को शक न हो। चोरी का असली सामान गिरोह के सरगना को बेच दिया जाता था, जो इसे बाजार में अवैध रूप से खपाता था।
70 लाख से ज्यादा का सामान हुआ गायब
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी कंपनियों के पास ग्राहकों की शिकायतों का तांता लग गया। कंपनियों ने जब आंतरिक जांच की तो पाया कि करीब 70 लाख 63 हजार रुपये का माल गायब है। इसके बाद सेक्टर-20 थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर इन आरोपियों को धर दबोचा।
गिरोह का सरगना गाजियाबाद से गिरफ्तार
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड गाजियाबाद निवासी वासिद खान है। इसके साथ ही सुनील कुमार (बुलंदशहर), विजय सिंह (कासगंज), धर्मेंद्र (बुलंदशहर) और रघुराज सिंह (पलवल) को भी गिरफ्तार किया गया है। ये लोग पिछले 3-4 महीनों से नोएडा के विभिन्न इलाकों में सक्रिय थे।
सेक्टर-69 में मिला अवैध गोदाम
पुलिस की छापेमारी में नोएडा के सेक्टर-69 में एक अवैध गोदाम का भी पता चला है, जहां चोरी का सामान छिपाकर रखा जाता था। तलाशी के दौरान वहां से बड़ी मात्रा में नामी कंपनियों के खाली पैकेट, रैपर और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में अभी दो और आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है।
